बीकानेर. राजस्थान प्रशासनिक सेवा की वर्ष 2018 की भर्ती परीक्षा की जांच करवाने और साक्षात्मकार की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग की गई है। भाजपा नेता सुरेन्द्र सिंह शेखावत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने आरपीएससी चेयरमैन भूपेन्द्र सिंह यादव से अजमेर में मुलाकात कर इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। शेखावत ने बताया कि आरएएस भर्ती परीक्षा में सत्ताधारी दल के प्रदेशाध्यक्ष व शिक्षा मंत्री के रिश्तेदारों को परीक्षा में अवांछित लाभ देने के आरोप सामने आए है।
विभिन्न माध्यमों से इस भर्ती परीक्षा पर सवाल उठ रहे है। इससे आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए है। शेखावत के अनुसार चेयरमैन से आरएएस 2018 भर्ती परीक्षा की जांच करवाने की मांग की गई। अजमेर उप महापौर नीरज जैन के साथ आरपीएससी चेयरमैन से मिले प्रतिनिधि मंडल ने भविष्य में होने वाली परीक्षाओं के निष्पक्ष और पारदर्शी आयोजन के लिए साक्षात्कार की अनिवार्यता खत्म करने एवं परीक्षा केन्द्रों की व्यवस्था को ठीक करने को लेकर सुझावों से भी आयोग अध्यक्ष को अवगत करवाया गया। प्रतिनिधि मंडल में देवेन्द्र सिंह शेखावत, विकास भास्कर, रक्षित कच्छावा शामिल रहे।