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इंदिरा नहर में लगातार 60 दिन की बंदी से जल संकट उत्पन्न होगा

एक महीने तक एक दिन छोड़कर जल आपूर्ति किए जाने की आशंका
श्रीगंगानगर।
इंदिरा गांधी नहर में लगातार 60 दिन की बंदी के कारण श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों सहित पश्चिमी राजस्थान में जल संकट हो सकता है। नहर के मरम्मत कार्य के लिए पंजाब से 60 दिन की पानी की बंदी रहेगी। आगामी 19 मार्च से 19 मई तक पंजाब तथा राजस्थान में नहर का मरम्मत कार्य युद्ध स्तर पर किया जाना है।दोनों राज्यों में मरम्मत कार्य की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। जल संसाधन विभाग के अनुसार 19 मार्च से मरम्मत कार्य आरंभ हो जाएगा। इसी दिन पंजाब से मिलने वाले पानी में कमी आनी शुरू हो जाएगी। वैसे तो नहर की बंदी 2 महीने तक है लेकिन एक महीने तक पंजाब से पीने का पानी मिलता रहेगा। आगामी 19 अप्रैल तक ही पीने के लिए पानी नहर में आएगा।इसके बाद 19 मई तक पंजाब से पानी नहीं मिलेगा। नहर पूरी तरह से बंद रहेगी।इसी दौरान श्रीगंगानगर,हनुमानगढ़, चूरू, बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर और नागौर में जलापूर्ति प्रभावित होगी। पश्चिमी राजस्थान में जल संकट खड़ा हो सकता है। आगामी 19 अप्रैल से 19 मई तक जलदाय विभाग को अपने जलाशयों से ही पानी की आपूर्ति करनी होगी। जानकारी के अनुसार जलदाय विभाग के पास अपने जलाशयों में 20 दिन पानी के भंडारण की क्षमता है। ऐसे में 20 दिन का पानी 30 दिन तक सप्लाई करने की चुनौती का सामना जलदाय विभाग को करना पड़ेगा। इस चुनौती को पार पाने के लिए जलदाय विभाग में एक दिन छोड़कर पानी की अपूर्ति दे सकता है। 19 अप्रैल से ही एक दिन बाद पानी छोड़ने की व्यवस्था लागू होगी। पिछली बार जब एक दिन छोड़कर पानी दिया गया तो शहरी क्षेत्र में बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई थी। शहरी क्षेत्रों में तब दो-तीन दिन बाद पानी छोड़ने की नौबत आई थी। कमोबेश ऐसे ही हालात एक बार फिर बन सकते हैं। नहर बंदी के दौरान जलदाय विभाग पानी देने की बजाय पानी बचाने की कोशिश में जुटा रहता है। विभाग की सभी टंकियां, डिग्गियां और जलाशय भरने के बाद भी एक दिन छोड़कर एक दिन पानी दिया जाता है ताकि ज्यादा से ज्यादा दिन पानी मिल सके। इस बार जलाशयों को लबालब रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। इतना ही नहीं हर रोज दिए जाने वाले पानी की मात्रा में पहले की तुलना में कमी हो जाएगी। नहर बंदी के चलते फिलहाल जरूरत से ज्यादा पानी दिया जा रहा है। इसके बाद भी विभाग पूरी तरह से पानी का संग्रहण नहीं कर पा रहा। उल्लेखनीय है कि मुख्य सचिव उषा शर्मा ने शुक्रवार को ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर इंदिरा गांधी नहर परियोजना में 21 मार्च से प्रस्तावित नहर बंदी के मद्देनजर पेयजल आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने और लोगों को इससे परेशानी ना हो इसलिए पानी का पर्याप्त भंडारण कर लेने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि दो महीने की बंदी के दौरान पहले महीने काफी कम मात्रा में पंजाब से इंदिरा नहर में पानी मिलेगा,जो कि सिर्फ पेयजल के लिए ही होगा सिंचाई के लिए इस पानी का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। बंदी के दूसरे महीने में पानी बिल्कुल भी नहीं मिलेगा। सिंचाई के लिए पानी दिया जाना संभव और प्रस्तावित ने होने के बावजूद अखिल भारतीय किसान सभा द्वारा मांग की जा रही है कि बंदी के दौरान पहले 30 दिन नहर को पूरी तरह से बंद रखा जाए। इसके बाद अगले 30 दिन बंदी के दौरान पानी दिया जाए ताकि पीने के साथ-साथ नई फसलों की बिजाई के लिए भी कुछ पानी मिल सकेगा।बंदी के पहले 30 दिनों में किसान खेतों में फसलों की कटाई में व्यस्त रहेंगेऋ तब उन्हें पानी की भी जरूरत नहीं है, लेकिन इसके बाद अगले 30 दिनों में पानी की जरूरत रहेगी, क्योंकि तब आगामी फसलों की बिजाई के लिए उपयुक्त समय होता है।