केंद्र और राज्य सरकारों से मिलेगा ईंट निर्माता संघ का शिष्टमंडल
श्रीगंगानगर। राजस्थान ईंट निर्माता संघ ने ईट भट्ठा पर केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाई गई जीएसटी की दर और राज्य सरकार द्वारा रायल्टी की दरों में की गई वृद्धि को वापस लिए जाने की मांग की है। ईंट भट्ठा संघ की नवनिर्वाचित प्रदेश कार्यकारिणी की जयपुर में संपन्न हुई पहली बैठक में प्रदेश अध्यक्ष अजयपालसिंह ने कहा कि जल्दी ही राजस्थान सरकार व केंद्र सरकार से मिलकर इस बढ़ी हुई कर वृद्धि को वापस कराया जाएगा। उन्होंने प्रदेश के सभी ईंट भट्टा संचालकों को पर्यावरण हित में सरकार द्वारा जारी सभी दिशा निर्देशों का पालन करने,अधिक से अधिक पौधारोपण व ईंट भट्ठों पर पानी की समुचित व्यवस्था करने को कहा।
ईंट निर्माता संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष और अखिल भारतीय ईंट एवं टाइल निर्माता महासंघ के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रतन गणेशगढ़िया ने बैठक में बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा ईंट बनाने की मिट्टी पर खनिज की रॉयल्टी राशि में 35 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। जीएसटी काउंसिल द्वारा ईंट भट्ठों की जीएसटी दर को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 6 प्रतिशत किया गया है। उन्होंने कहा कि ईंट भट्ठा उद्योग प्रदेश का कुटीर, लघु व ग्रामीण उद्योग है, जो गांवों में स्थापित है। यह राज्य के 25 लाख लोगों को रोजगार प्रदान कर रहा है। पिछले 2 वर्ष में कोरोना महामारी के कारण व निर्माण सेक्टर में मंदी के कारण पहले से ही चौपट हो कर बंदी के कगार पर है। ऐसे समय में राज्य व केंद्र सरकारों द्वारा यह वृद्धि करने से यह उद्योग पूर्ण रुप से विलुप्त हो जाएगा। प्रदेश के 25 लाख ग्रामीण, अकुशल भूमिहीन लोग बेरोजगार हो जाएंगे। श्री गणेशगढिया ने अवगत कराया कि इस संदर्भ में जल्दी ही संघ का प्रतिनिधित्वमंडल राजस्थान सरकार से मुलाकात कर इस वृद्धि को वापस कराने का प्रयास करेगा।