बीकानेर
कम लोगों में शादी समारोह।
कोरोना के इस दौर में जो परिवार लुकाछिपी करके तय संख्या से ज्यादा मेहमान बुलाकर कोरोना संक्रमण को बढ़ावा दे रहे हैं, उनके लिए बीकानेर में हुआ एक विवाह उदाहरण बन गया है। इस विवाह में होटल भी बुक हुआ, बैंड-बाजे भी थे, हलवाई भी थे, टेंट वाले भी थे, लेकिन परिजनों सहित सब की संख्या महज 47 रही। खास बात यह कि जयपुर से आई बारात में दूल्हे सहित महज 9 मेहमान थे।
संख्या सीमित किया
बीकानेर के चार्टर्ड एकाउंटेंट सुधीश शर्मा की भतीजी और युवा चार्टर्ड एकाउंटेंट अभय शर्मा की बहन अंकिता शर्मा की शादी जयपुर के शशांक पालीवाल के साथ हुई। कोरोना के इस दौर में दोनों परिवारों ने संख्या सौ के अंदर ही रखने का निर्णय किया। जैसे-जैसे कोरोना रोगियों की संख्या बढ़ती गई, वैसे-वैसे दोनों परिवारों ने संख्या को सीमित कर दिया। विवाह के दिन जयपुर से बारात में महज 9 बाराती आए। शशांक के 4 स्थानीय परिजन भी इस बारात में जुड़ गए। ऐसे में महज 13 बाराती ही अमरसिंहपुरा में बारात लेकर पहुंचे। अंकिता के घर से भी मेहमानों की संख्या सीमित कर दी गई। विवाह वाले घर में सभी आयोजनों में हलवाई सहित भी संख्या 47 तक रही। कुछ टेंट वाले भी इसमें शामिल थे।
संक्रमण का साया
अंकिता ने बताया कि उसे विवाह में कम लोगों के आने का दुख है। दिन सामान्य होते तो सब को इस खास अवसर पर बुलाती, लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते यह संभव नहीं था। मुझे इस बात की खुशी है कि परिजनों ने जिम्मेदारी से काम किया। ससुराल वाले भी महज 9 मेहमान के साथ बारात लेकर जयपुर से आए। हमें सुकून है कि हमने संक्रमण नहीं फैलाते हुए अपने काम को अंजाम दिया। सीए सुधीश शर्मा का कहना है कि मुझे दुख है कि कई निकटस्थ मित्रों को आमंत्रित नहीं कर सके। जम्मू से हमारा पूरा परिवार आ रहा था, लेकिन मना किया गया। दिल्ली से रिश्तेदार आने वाले थे, उन्हें भी मना किया गया।
ऑनलाइन ही शामिल हुए
इस विवाह में बाहर रहने वाले परिजनों को एक सोशल मीडिया का लिंक दिया गया। इस एप के माध्यम से सभी ने विवाह में हिस्सा लिया। जम्मू, दिल्ली, जयपुर सहित देश के कई हिस्सों से मेहमान इस एप पर ही उपस्थित रहे। अंकिता के भाई सीए अभय शर्मा का कहना है कि खुशी के अवसर आते रहते हैं। हम फिर कभी सेलिब्रेट कर लेंगे, लेकिन कोरोना गाइडलाइन का पालन हमारी जिम्मेदारी थी। हम पड़ोसी तक को आमंत्रित नहीं कर सके।
गाइड लाइन का पालन
विवाह से पहले पूरे घर को सैनिटाइज किया गया। सभी को प्रवेश के समय सैनिटाइज किया। मास्क एक पहले से लगाया हुआ था, एक और लगवाया गया। बाहर से आने वाले टेंट के सभी सामान को सैनिटाइज किया गया। हलवाई तक को एक बार आने के बाद बाहर नहीं जाने दिया गया।