उदयपुर
वल्लभनगर विधानसभा का आखिरी गांव है वाजमिया। ठीक इससे 2 किमी दूर एक और वाजमिया गांव है, जो मावली विधानसभा का हिस्सा है। यानी अगल-बगल में एक ही नाम के दो गांव हैं। परिसीमन के वक्त एनीकट (बांध) के ऊपर का हिस्सा मावली और नीचे वाला वल्लभनगर विधानसभा में बांट दिया गया था। तब से वल्लभनगर में पड़ने वाले गांव को छोटा वाजमिया कहा जाता है, जबकि मावली में आने वाले गांव को बड़ा वाजमिया कहते हैं।
चुनावी माहौल के बीच मुख्यमंत्री गहलोत से लेकर तमाम मंत्री और बड़े नेताओं के दौरे जारी हैं। ऐसे में भास्कर टीम ने वल्लभनगर में पड़ने वाले छोटा वाजमिया से ग्राउंड रिपोर्ट की। छोटा और बड़ा वाजमिया के विकास में दिन-रात का अंतर दिखा। नेताओं के रवैये को लेकर छोटे वाजमिया गांव के लोग बेहद खफा हैं। हालांकि वे लोग मतदान करने की बात तो करते हैं। मगर भावी विधायक के विकास के दावों पर उम्मीद नहीं रखना चाहते।