Tuesday, May 5निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों का दावा:फेफड़ों में कोरोनावायरस के संक्रमण को फैलने से रोकती है कलौंजी, यह इम्यून सिस्टम को बेकाबू होने से भी रोक सकती है

कलौंजी कोरोनावायरस को फेफड़ों तक पहुंचने से रोक सकती है। इसमें थाइमोक्विनोन नाम का तत्व पाया जाता है जो कोरोनावायरस के स्पाइक प्रोटीन से चिपक कर उसे फेफड़ों तक नहीं पहुंचने देता। भविष्य में कलौंजी का इस्तेमाल कोरोना के इलाज के लिए भी किया जा सकता है। यह दावा ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने अपनी हालिया रिसर्च में किया है।

‘सायटोकाइन स्टॉर्म’ को रोकती है
रिसर्च करने वाली सिडनी यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी की प्रोफेसर कनीज फातिमा शाह का कहना है, कोरोना से संक्रमित कई मरीजों का इम्यून सिस्टम बेकाबू होने लगता है। नतीजा, रोगों से बचाने वाला इम्यून सिस्टम ही शरीर को नुकसान पहुंचाने लगता है। इसे सायटोकाइन स्टॉर्म कहते हैं। कलौंजी इसी सायटोकाइन स्टॉर्म को रोकने की कोशिश करती है। साथ ही शरीर में सूजन भी कम करती है। थाइमोक्विनोन के कारण अस्थमा, एक्जिमा, आर्थराइटिस के इलाज में कलौंजी असरदार साबित होती है।

हजारों सालों से घरेलू नुस्खों में हो रहा इस्तेमाल
रिसर्चर डेनिस कॉर्डेटो कहते हैं, कलौंजी का इस्तेमाल हजारों सालों से घरेलू नुस्खे के तौर पर किया जा रहा है। कलौंजी में मौजूद थाइमोक्विनोन के कारण सूजन और संक्रमण से जुड़ी बीमारियों इलाज किया जा सकता है। यह स्टेफायलोकोकस जैसे बैक्टीरिया और इंफ्लुएंजा जैसे वायरस को खत्म करने में मदद करता है।

पश्चिमी एशिया और उत्तरी अफ्रीका में होता है अधिक इस्तेमाल
कलौंजी के बीजों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल उत्तरी अफ्रीका और पश्चिमी एशिया में किया जाता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, खानपान में कलौंजी का इस्तेमाल करके कोलेस्ट्रॉल घटाया जा सकता है। इसमें काफी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। एक रिसर्च के मुताबिक, यह ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद कर सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *