भारतीय महिला हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया है। टीम पहली बार ओलिंपिक के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। भारत ने क्वार्टर फाइनल में 3 बार की ओलिंपिक चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हरा दिया। इस जीत के साथ ही सोशल मीडिया यूज़र्स ने वीमेन इंडियन हॉकी टीम के कोच सोयर्ड मरीन कि तुलना ‘चक दे इंडिया’ मूवी में कोच बने कबीर खान से की जा रही है। 2007 में आई इस फिल्म में कबीर खान का रोल शाहरुख़ खान ने निभाया था।
रील की कहानी रियल में बदल रही है
कोच ने टीम की जीत के बाद एक फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा – सॉरी फैमिली, मैं बाद में आता हूं। इस फोटो में सोयर्ड के साथ उनकी पूरी वीमेन टीम दिखाई दे रही है। जैसे ही उन्होंने ट्विटर पर फोटो पोस्ट की, प्रशंसकों ने उनकी तुलना कबीर खान से करना शुरू कर दी। यूज़र्स कह रहे हैं कि रील की कहानी एक रियल कहानी में बदल रही है।
70 मिनट वाला सीन तो याद ही होगा ना
बात अगर शाहरुख खान की फिल्म चक दे इंडिया की करें तो शाहरुख का किरदार कबीर खान महिला टीम को वर्ल्ड कप फाइनल तक ले जाता है। फिल्म को भारत के पूर्व हॉकी खिलाड़ी मीर रंजन नेगी से इंस्पायर बताया जाता है। लेकिन पूर्व गोलकीपर और मेकर्स ने स्पष्ट किया था कि यह उनकी कहानी नहीं थी। भारत में महिला हॉकी के लिए एक ऐतिहासिक दिन और संभवत: सबसे महान क्षण के रूप में गुरजीत कौर ने पहले हाफ के दौरान कड़े मुकाबले में पेनाल्टी कार्नर के माध्यम से मैच में एकमात्र गोल किया।
वीमेन इंडियन हॉकी टीम का ऐसा रहा सफर
1980 में विमेंस हॉकी टीम ने पहली बार हिस्सा लिया था। हालांकि तब सेमीफाइनल फॉर्मेट नहीं था। ग्रुप स्टेज के बाद सबसे ज्यादा पॉइंट वाली 2 टीमें सीधे फाइनल खेली थीं। भारतीय टीम तब 6 टीमों के पूल में चौथे स्थान पर रही थी। इसके बाद 2016 रियो ओलिंपिक में टीम इंडिया 12वें स्थान पर रही थी।