नागौर
इंडियन आइडल 12 के कंटेस्टेंट सवाई भाट पिछले रविवार शो से बाहर हो गए थे। उनके इविक्शन को लेकर और शो को स्क्रिप्टेड बताकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त बहस भी छिड़ी हुई है। लेकिन, इस सबके उलट अपनी गायकी से देशभर में लाखों लोगों को अपना दीवाना बना चुके सवाई के जीवन की अब तक की कहानी स्क्रिप्टेड नहीं है।
इंडियन आइडल 12 के शो में जाने से पहले तक राजस्थान के नागौर जिले के गच्छीपुरा गांव निवासी 20 साल के सवाई भाट को अपना और अपने परिवार का पेट पालने के लिए गांव-गांव कठपुतली का खेल दिखाना व देश विदेश से आने वाले पर्यटकों के सामने गाने-बजाने का काम करना पड़ रहा था। लेकिन, इस शो में सवाई ने अपनी गायकी के दम पर जबरदस्त परफॉर्मेंस देते हुए एंट्री ली और करोड़ों देशवासियों का प्यार पाने में सफलता हासिल की है।
सफलता के लिए संघर्ष का रहा है सवाई का सफर
बहुत छोटी उम्र में ही सवाई अपने दादा खैराती भाट व पिता रमेश भाट के साथ कठपुतली का खेल दिखाने के दौरान गांव-गांव घूमते थे। गांव के स्कूल से तीसरी कक्षा तक पढ़ाई पूरी करने के बाद वो अपने पिता के साथ जोधपुर चले गए। उन्हाेंने गांव-गांव घूमकर कठपुतली का खेल दिखा कर अपने पिता रमेश व माता सुशीला का घर चलाने में साथ दिया। उन्होंने बताया की कठपुतली का खेल दिखाने के दौरान ढोलक व हारमोनियम बजाते- बजाते वो शादी ब्याह की महफिलों और आस पड़ोस में होने वाले माता के जगरातों व भजन संध्या कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों के साथ कमाई की आस लिए हारमोनियम और तबला बजाने के लिए भी जाने लगे। मांगणियार और लंगा गायकों के साथ गाने-बजाने का काम भी किया।

नागौर जिले के गच्छीपुरा गांव में स्थित सवाई भाट का कच्चा घर।
अब हाल ही में इंडियन आइडल शो से बाहर होने के बाद दैनिक भास्कर रिपोर्टर मनीष व्यास ने सवाई भाट से विशेष बातचीत की है…
सवाल- गांव से मुंबई तक के इस पूरे सफर को कैसा देखते है ?
जवाब- छोटे से गांव और गरीब परिवार में पैदा हुआ था तो ये ग्लैमर की दुनिया तो मेरे लिए एक अलग ही अनुभव है। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं कुछ ऐसा कर सकूंगा कि लोग मुझे इतना चाहने लग जाएंगे और मुझे मान-सम्मान देंगे। भगवान का आशीर्वाद और चाहने वालों की दुआओं का असर ही है कि गांव से मुंबई तक का ये सफर हो पाया है।
सवाल- सिंगिंग शो में क्या सपने लेकर पहुंचे थे?
जवाब- मेरे लिए तो सिंगिंग शो इंडियन आइडल में जाना ही बहुत बड़ा सपना था। शो में विनर बनने का सपना तो सबका होता है और मेरा भी था मगर उससे भी ज्यादा बड़ा मेरा सपना है कि मैं अपनी गायकी के दम पर मेरे भारत, राजस्थान और नागौर के साथ-साथ अपने माता-पिता का नाम रोशन कर सकूं। अभी भी मेरा प्रयास रहेगा कि सबकी दुआओं से मैं कुछ बेहतर करूं।
सवाल- देश की जनता को आपके एलिमिनेशन से धक्का लगा। क्या आप भी शॉकिंग हुए?
जवाब- जी हां, धक्का तो लगा और बहुत तगड़ा लगा था। सबका मानना था कि मैं विनर बन सकता हूं, पर जनता का निर्णय सर्वोपरि होता है। फिर सभी सिंगर्स भी एक से बढ़कर एक है और विनर भी एक ही बनेगा। इसलिए जनता ने जो अब तक दिया है, उसे सिर-माथे पर लगाता हूं।
सवाल- एलिमिनेशन राउंड में बॉटम 2 में आपके साथ अब तक के हाइएस्ट वोट गेनर पवनदीप का आना, इसे क्या मानते है?
जवाब- इसके बारे में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है।
सवाल- अब सिंगिंग शो में आपका सफर ख़त्म हुआ है पर सवाई की उड़ान कहां तक है?
जवाब- लोगों की दुआओं और चाहने वालों के दम पर ये उड़ान शुरू हुई है। सबके आशीर्वाद और प्यार के सहारे इस उड़ान को अब और बुलंदियां देना और माता-पिता सहित अपने गांव, जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने का अरमान है।
सवाल- राजस्थान के लिए और यहां के टैलेंट के लिए क्या करने का प्लान हैं ?
जवाब- मेरी कोशिश रहेगी कि मिटटी की महक से जुड़े हर गायक कलाकार को अच्छा मंच मिले जहां वो परफॉर्म कर देश-दुनिया को अपना टैलेंट दिखा सके।
सवाल- आपके हिसाब से कौन बनेगा या बनेगी इंडियन आइडल?
जवाब- शो में अभी सभी सिंगर्स एक से बढ़कर एक हैं।

मशहूर बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के साथ सवाई भाट।