राजस्थान के करौली जिले में हुए हिंसा मामले में नया खुलासा हुआ है। प्रदेस में सक्रिय पापुलर फ्रंट राजस्थान ने दावा किया है कि सीएम अशोक गहलोत और डीजीपी एमएल लाठर को पत्र लिखकर पहले ही आगाह कर दिया था। लेकिन सरकार और प्रशासन की उदासीनता की वजह से करौली मे हिंसा की घटना हो गई। पापलुर फ्रंट राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद आसिफ ने एक बयान जारी कर कहा की सीएम अशोक गहलोत को पत्र लिखकर साजिशों से अवगत करा दिया था, इसके बावजूद रैली आयोजनकर्ता को मुस्लिम बहुल मोहल्लों में भड़काऊ नारे लगाने वाली रैली निकालने के स्वीकृति प्रदान कर दी।
PFI ने RSS पर साधा निशाना
मोहम्मद आसिफ ने कहा कि आरएसएस और उसके सहयोगी संगठनों द्वारा मुस्लिम बहुल इलाकों से रैली निकाल भड़काऊ नारे लगाए। जिससे हिंसा भड़की और बड़े स्तर पर आर्थिक नुकसान हुआ। असामाजिक तत्वों ने बड़ी संख्या में दुकानों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया। उन्होंने गहलोत सरकार से मांग की है कि उत्तेजित नारे लगा हिंसा भड़काने वालों व आयोजनकर्ता पर उचिन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्ती से कार्यवाही करे। उन्होंने सरकार से सभी पीड़ित लोगों को मुआवजा देने की मांग भी की है।