जयपुर।
राजस्थान की गहलोत सरकार करौली हिंसा मामले की प्रशासनिक जांच कराएगी। राज्य सरकार ने गृह विभाग के सचिव कैलाश चंद मीणा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच अधिकारी 15 दिन के भीतर प्रकरण के सभी पहलुओं की जांच कर अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौपेंगे। हिंदू नववर्ष पर बीते शनिवार को करौली में हिंसा हो गई थी। जिसमें 30 से अधिक लोग घायल हो गए थे। करौली हिंसा मामले पर भाजपा गहलोत सरकार पर लगातार हमलावर है। प्रदेश भाजपा नेताओं ने आज दिल्ली में प्रेस काॅन्फ्रेंस आयोजित कर गहलोत सरकार पर जमकर निशाना साधा।
भाजपा ने कहा- राजस्थान में तालिबान का शासन
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि राजस्थान में तालिबान का शासन है। कानून व्यवस्था नहीं है। बीजेपी ने जहां इस पूरे मामले में एक समुदाय के ऊपर हिंसा फैलाने का आरोप लगाया है तो वहीं सत्ता पक्ष की ओर से दौरा करने गए जनप्रतिनिधियों ने दूसरे पक्ष पर हिंसा के लिए उकसाने का मामला बताया है। राजनीतिक जनप्रतिनिधियों की ओर से इस अलग-अलग रिपोर्ट के बाद प्रदेश की गहलोत सरकार ने अपने गृह विभाग के अधिकारी को इस पूरे मामले की जांच करने और उसकी रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपने के निर्देश दिए है। उल्लेखनीय है कि करौली जिले में शनिवार को नव संवत्सर पर निकाली जा रही शोभायात्रा और बाइक रैली पर हुए पथराव और आगजनी की घटना हुई थी।