नई दिल्ली
अगले 15 दिन कूटनीतिक लिहाज से भारत के लिए बेहद अहम होने जा रहे हैं। 17 सितंबर को दुशान्बे में होने वाली शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) की बैठक में पीएम मोदी भी वर्चुअली शामिल होंगे। वहीं 25 सितंबर को पीएम मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा में बोलेंगे। मोदी 24 सिंतबर को अमेरिका में होने जा रही QUAD बैठक में शामिल होने जा रहे हैं।
चीन और पाकिस्तान शामिल होंगे SCO बैठक में
शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन की बैठक में शामिल होने विदेश मंत्री एस जयशंकर दुशान्बे जाएंगे। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान भी इस बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में भारत का फोकस आतंकवाद, आर्थिक सहयोग, क्षेत्रीय विकास खासतौर से अफगानिस्तान के विकास पर चर्चा करने पर होगा।
इस साल जून में SCO के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर्स की बैठक में भारत की तरफ से अजीत डोवाल ने इसमें हिस्सा लिया था। इसमें डोवाल ने पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मुहम्मद (JeM) के खिलाफ सख्त एक्शन प्लान पेश किया था।
इस साल संगठन के 20 साल पूरे हो रहे हैं
चीन और पाकिस्तान दोनों ही अफगानिस्तान में तालिबानी सत्ता को समर्थन दे रहे हैं, जबकि भारत कोई राय देने के लिए हालात का जायजा ले रहा है। भारत ने मांग की है कि अफगानिस्तान में सहभागी सरकार बननी चाहिए, जिसमें समाज के सभी सेक्शन के लोगों की भागीदारी हो, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा हो, महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा हो।
यह चौथी बैठक होगी जिसमें भारत पूर्ण सदस्य देश की तरह भाग लेगा। इस साल SCO के गठन के 20 साल पूरे हो रहे हैं, जबकि ताजिकिस्तान की आजादी के 30 साल पूरे हो रहे हैं। इस लिहाज से यह बैठक अहम है।
मोदी 25 काे UN महासभा को भी संबोधित करेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र की साधारण सभा को भी संबोधित करेंगे। इसमें 100 से अधिक देशों और सरकार के प्रमुख व्यक्तिगत रूप से भाग लेंगे। कोरोना महामारी के कारण 2020 में यह बैठक ऑनलाइन हुई थी।
ऑस्ट्रेलिया और जापान के राष्ट्राध्यक्ष भी आएंगे क्वाड शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी अपने समकक्षों- ऑस्ट्रेलिया के स्कॉट मॉरिसन और जापान के योशीहिदे सुगा के साथ हिस्सा लेंगे। संगठन का चौथा सदस्य अमेरिका है। वहीं, क्वाड पर चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दूसरे देश काे निशाना बनाने के इरादे से बने संगठनों का भविष्य नहीं है।