Monday, April 6निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

कोरोना ने रोकी रोजगार पंजीयन की चाल

श्रीगंगानगर. बेरोजगारी का दंश झेल रहे जिले के युवाओं को अब रोजगार पंजीयन कराने से मोहभंग होता जा रहा है। रही कही कसर पिछले डेढ़ साल से कोरोना काल ने बिगाड़ दी है। कोरोनाकाल में पंजीयन की संख्या लगातार घटी है।

अक्षत कौशल योजना के तहत सरकार बेरोजगारों का रोजगार भत्ता मुहैया कराती है। भत्ते के लिए रोजगार विभाग की शतोज़् और जटिल प्रक्रिया ने बेरोजगारों की परेशानी को बढ़ा दिया है।

जिले में भत्ता पाने वाले 6080 युवा है। शेष को अभी इंतजार करना होगा। हालांकि रोजगार कायाज़्लय में स्वयं पेश होकर पंजीयन कराने से मुक्ति मिल चुकी है। रोजगार सेवा निदेशालय ने पंजीयन कराने के लिए ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा भी शुरू की लेकिन रोजगार के अवसर दिखाई नहीं देने पर युवाओं ने इस पंजीयन के प्रति दिलचस्पी नहीं ली।

हालांकि निदेशालय ने राज्य सरकार की विभिन्न सेवाओं के एकीकृत पोटज़्ल एसएसडीजी के माध्यम से कहीं से भी संबंधित रोजगार कायाज़्लय में बेरोजगार आसानी से ऑनलाइन पंजीयन करा सकेंगे। ई मित्र पर आवेदन कराने की प्रक्रिया सरल है। गौरतलब है कि रोजगार विभाग ने मैनुअल पंजीयन एवं नवीनीकरण की प्रक्रिया को निषिद्ध कर दिया था।
सैद्वांतिक तकज़् यह भी है कि योजना के तहत लाभ लेने वाले आवेदकों को खाता जीरो बैंलेंस पर खुलना चाहिए। बैंक बिना बैलेंस के खाता नहीं खोलते हैं।

दूसरी बड़ी समस्या यह है कि एससी और एसटी वगज़् के आवेदक, जो कॉलेज स्तर पर किसी भी योजना का लाभ ले चुके हैं, उनका साफ्टवेयर में भत्ता मंजूर नहीं होता है।

यह सॉफ्टवेयर में पूवज़् में ही उस खाते में ही प्रविष्टि हो चुकी होती है। इस शतज़् के कारण भी बड़ी संख्या में आवेदक भत्ते से वंचित रह जाते हैं। आवेदक का खाता एक निधाज़्रित बैंक में की अनिवायज़्ता से बेरोजगारी से जूझ रहे आवेदकों की परेशानी है।
……..
पांच वषोज़् में पंजीयन का गणित
वषज़् पंजीयन
2016 6139
2017 7437
2018 7135
2019 17903
2020 4428
अब तक 3927
……….
रोजगार भत्ते के लिए राज्य सरकार ने अधिकतम दो लाख युवाओं को ही भत्ते देने की सीमा तय की हुई है। इससे अधिक पंजीयन होने के बावजूद भत्ता देय नहीं होगा। हालांकि पिछले साल तक यह संख्या 1 लाख 60 हजार थी।

लेकिन इस साल के बजट में सरकार ने यह संख्या दो लाख तक कर दी है। अधिकारियों की माने तो इस संख्या से अधिक पंजीयन होने के बावजूद भत्ता नहीं मिलेगा।

पूवज़् के पंजीयनकताओज़् की संख्या घटती है तो नए आवेदकों को भत्ते देने का मौका मिलेगा। इस वजह से जिले में छह हजार युवाओं को ही भत्ता मिल रहा है।

पुरुष युवा को तीन हजार रुपए और महिला युवा को साढे तीन हजार रुपए भत्ता मासिक मिलता है। जिले में छह हजार युवाओं को अब तक 21 करोड रुपए का भुगतान सरकार ने कर दिया है।
….
कोरोना काल के कारण पंजीयन की संख्या पर असर पड़ा है। रोजगार भत्ते के लिए भी अब नए नियम आएंगे। बजट घोषणा में सरकार ने ऐसे युवाओं के लिए प्रशिक्षण पर जोर दिया है। जिले में छह हजार से अधिक युवाओं को हर माह भत्ते देने की प्रक्रिया चल रही है। ऑनलाइन से पंजीयन की प्रक्रिया शुरू होने से युवाओं का रुझान अब बढने लगा है।

  • सुरेष दीक्षित, जिला रोजगार अधिकारी श्रीगंगानगर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *