जीकेएस की टीम प्रोजेक्ट मैन के नेतृत्व में कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह हेयर से मिला, दिये सफाई के निर्देश
श्रीगंगानगर। गंगनहर की बंदी में पंजाब 45 आरडी से लेकर खखां हैड़ तक बीकानेर कैनाल की साफ सफाई का कार्य करवायेगा। इसके लिए मंगलवार से पंजाब का सिंचाई विभाग शॉट टर्म टेंडर निकालेगा। इसके बाद सफाई का कार्य शुरू करवा दिया जायेगा। श्रीगंगानगर के एसई धीरज चावला ने बताया कि इस सम्बंध में पंजाब के अधिकारियों से आज बातचीत हुई है। सफाई का कार्य होने से किसानों को काफी फायदा होगा। इसके अलावा गंगनहर के प्रोजेक्ट चेयरमैन हरविंदर सिंह गिल ने बताया कि पूर्व में पंजाब के नहरी विभाग ने बन्दी में सफाई कार्य करवाने में असमर्थता जताई थी, क्योंकि इंदिरा गांधी नहर पर निर्माण कार्य के चलते स्टाफ की कमी है, जिस कारण गंगनहर पर सफाई कार्य नहीं करवा सकते इस कारण हमारी जो प्रस्तावित बन्दी थी एक 1 अप्रैल से लेकर 20 अप्रैल उसे कम करके 5 अप्रैल से 15 अप्रैल कर दिया गया है। यह सूचना मिलते ही हरविन्द्र ने जीकेएस संगठन के सभी साथियों से विचार विमर्श किया जिस पर संगठन ने गैलैक्सी बराङ कि जिम्मेदारी लगाई कि आप अभी पंजाब बात करो, जिस पर गैलैक्सी ने तुरन्त बात कर पंजाब के कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह हैयर से अगले दिन का समय ले लिया। इसके बाद रंजीत सिंह राजू के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल 30 मार्च को सुबह 2 बजे चंडीगढ़ पंजाब के लिए रवाना हो गया।
सिंचाई मंत्री के आदेश पर सफाई की समस्या हल हुई
शिष्टमंडल में विक्रमजीत सिंह शेरगिल, गैलेक्सी बराङ और हरविन्द्र सिंह गिल रवाना हुए और पंजाब पहुंच कर पहले पंजाब के कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर से उनके निवास पर मिले और उन्हें सारी समस्या बताई, जिस पर मीत हेयर ने उसी समय पंजाब के सिंचाई मंत्री बह्रम शंकर जिम्पा से बात कर 31 मार्च की मिटिंग रखवा दी। अगले दिन चंडीगढ़ सचिवालय में पंजाब के सिंचाई मंत्री जिम्पा से मीटिंग हुई , वहां पर सभी साथियों ने सिंचाई मंत्री को वास्तविक स्थिति से अवगत करवाया कि हर वर्ष गंगनहर की सफाई होती है। उसी प्रकार इस वर्ष भी 1 अप्रैल से लेकर 20 अप्रैल तक गंगनहर में बंदी प्रस्तावित थी और इस बंदी के दौरान गंगनहर पर सफाई (सिल्ट निकालना बर्म साफ करना), लाइनिंग की रिपेयर और पट्ङे को मोटरेबल करना प्रस्तावित था। परंतु पंजाब के नहरी विभाग ने राजस्थान फीडर पर कार्य के चलते स्टाफ की कमी के कारण गंगनहर पर कार्य करवाने में असमर्थता जताई है। इसका नुकसान पूरे वर्ष गंगनहर के किसानों को होगा, जिस पर सिंचाई मंत्री जिम्पा ने उसी वक्त संज्ञान लेते हुए पंजाब के नहरी विभाग को गंगनहर पर कार्य करवाने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने तो मजाकिया लिहाजे में अपने नहरी विभाग को कहा कि अगर आपके पास स्टाफ की कमी है तो मैं खुद कस्सी लेकर वहां पर पहुंच जाऊंगा। इसलिए गंगनहर के सफाई व अन्य कार्य जो रद्द किए गए हैं उसे हर हाल में पूरा किया जाये।राजस्थान भी देगा स्टाफ,मिटिंग के बाद पंजाब का पूरा नहरी तंत्र हरकत में आ गया। पंजाब के अधिकारियों ने उसी वक्त राजस्थान के अधिकारियों से फोन पर बात कर कहा कि हम सभी कार्य करवाने के लिए तैयार हैं। आप सिर्फ हमें अपना थोड़ा स्टाफ दे दीजिए, जिस पर एसई ने भी हां कर दी। इसके बाद पंजाब के फिरोजपुर एसई राजीव गोयल ने फोन पर बताया कि कल ही हम निरस्त किए गए टेंडरों को दोबारा नए शॉर्ट टर्म टेंडर निकाल देंगे और जल्द से जल्द बंदी में गंगनहर की सफाई जिसमें सिल्ट निकालना और बर्म साफ करने का कार्य पूर्ण कर देंगे,जो पट्डों को मोटरेबल करने का कार्य है वह तो पानी चलने के दौरान भी किया जा सकता है।