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गर्भवती को खाट पर कराई नदी पार:बारिश में टूट गई थी पुलिया, गांव का संपर्क टूटा; महिला को हुई प्रसव पीड़ा, नदी में उतरे 12 युवा

उदयपुर

उदयपुर जिले के परसाद इलाके में एक पुल टूटने से प्रसूता की जान पर बन आई। ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर बहती नदी से गर्भवती महिला को खाट पर लेटाकर अस्पताल पहुंचाया। दरअसल गांव में रविवार सुबह ही जर्जर पुल नदी के तेज बहाव में बह गया। इसके बाद गांव से परसाद जाने के लिए संपर्क टूट गया। गांव के एक दर्जन से ज्यादा युवाओं ने एक दूसरे का हाथ पकड़ कर करीब पांच 5 फीट गहरे पानी में उतर कर महिला को उठाकर नदी पार कराई।

दरअसल, परसाद क्षेत्र में पारेई नदी पर देवेंद्र बांध बना हुआ है। इसी के किनारे आशावानिया नाम का एक गांव है। गांव के लोग नदी पर बने पुल को पार कर परसाद आते-जाते हैं। पिछले तीन दिनों से हो रही तेज बारिश के बाद नदी में जलस्तर बढ़ने से रविवार सुबह जर्जर पुल टूटकर पानी में बह गया। इसी दौरान आशावानिया गांव में रहने वाली केसरी देवी को प्रसव पीड़ा हुई। पहले तो ग्रामीणों ने पानी कम होने का इंतजार किया। महिलाओं ने अपने स्तर पर प्रसव कराने का प्रयास किया। दर्द ज्यादा होने से उसे अस्पताल ले जाना जरूरी हो गया। ऐसे में गर्भवती महिला को खाट पर लेटाया और ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर रविवार शाम को नदी पार की।

गांव के 12 से ज्यादा युवाओं ने महिला को अस्पताल पहुंचाया।

गांव के 12 से ज्यादा युवाओं ने महिला को अस्पताल पहुंचाया।

गांव के 12 युवाओं ने पहले नदी में उतर कर एक दूसरे का हाथ पकड़ा। फिर खाट को आगे खिसकाकर नदी में आगे बढ़े। ऐहतियात के तौर पर इस दौरान युवाओं के पास एक रस्सी भी थी, ताकि ज्यादा बहाव में बहने की स्थिति में रस्सी से अपने आप को बचाया जा सके। नदी पार करने के बाद प्रसूता के पति जगदीश मीणा ने सभी को धन्यवाद दिया।

ग्रामीण केशूलाल मीणा बताते हैं कि परसाद से इस गांव की दूरी मात्र 3 किलोमीटर है। हम लोगों ने पहले तो खरबड़ होकर परसाद जाने का निर्णय किया, लेकिन उधर भी नदी में पानी पुलिया के ऊपर बह रहा था। प्रसूता केसरी को अधिक पीड़ा हो रही थी। उसकी जान बचाने के लिए गांव के लोगों ने एक नदी पार करने का फैसला किया।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि मुसीबत के वक्त में हम प्रसूता के काम नहीं आते तो शायद उसकी जान जा सकती थी। पुल की जर्जर अवस्था को लेकर ग्रामीणों ने पहले ही स्थानीय प्रशासन को अवगत कराया था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

नदी पार करने के बाद महिला को परसाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।

नदी पार करने के बाद महिला को परसाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।

नदी पार करने के बाद महिला को परसाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। महिला की स्थिति गंभीर होने पर उदयपुर रेफर किया गया। बता दें कि उदयपुर जिले में मानसून के दौरान कई गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क तक टूट जाता है। ऐसे में बीमारी या आवश्यक काम होने पर ग्रामीण जान का जोखिम में डालकर उफनती नदी पार करते हैं।

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