बीकानेर.
गोचर भूमि की निर्माणाधीन चारदीवारी को लेकर उस समय नया मोड़ आ गया जब प्रशासनिक अधिकारियों का अमला मंगलवार को मौका देखने पहुंच गया।
अधिकारियों के पहुंचने की सूचना के बाद पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी भी मौके पर पहुंच गए। भाटी ने आरोप लगाया कि गौ संरक्षण को लेकर गोचर भूमि में बनाई जा रही चारदीवारी के कार्य को प्रशासनिक अमला रोकना चाहता है, लेकिन यह निर्माण किसी भी सूरत में नहीं रुकेगा। उन्होंने बताया कि 23 हजार बीघा सरेह नथानिया गोचर भूमि रियासतकाल में छोड़ी गई थी, जो केवल गायों के लिए संरक्षित है। लेकिन जिला प्रशासन और राज्य सरकार की अनेदखी के चलते अब गोचर भूमि में भी कब्जे होने लगे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि गोचर भूमि की २४ बीघा जमीन पर अनाधिकृत रूप से प्लॉट काटकर कॉलोनियां विकसित कर दी। भाटी ने बताया कि गोचर भूमि पर अतिक्रमण और बाधाएं किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं की जाएगी, चाहे इसके लिए गोली भी क्यों ना खानी पड़े।
क्या बोला प्रशासन
मंगलवार को किए निरीक्षण का कारण किसी निर्माण कार्य को रोकने का नहीं था, बल्कि जिला कलक्टर और नगर विकास न्यास सचिव के आदेशानुसार ग्राम चकगर्बी में हुए अवैध कॉलोनियों का निरीक्षण करना था। न्यास के तहसीलदार कालूराम ने बताया कि एसडीएम मीनू वर्मा, तहसीलदार सुमन शर्मा तथा हल्का पटवारी ने मौका निरीक्षण किया था, जिसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जाएगी।