बीकानेर. टूटी सडक़ों, गढ्ढो, जगह-जगह उड़ती धूल- मिट्टी एवं पसरे कीचड़ और गंदगी जैसी समस्याओं से जूझ रहे गंगाशहर उपनगर के लोगों को जल्द ही निजात मिलेगी। राजस्थान शहरी आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) की ओर से तृतीय चरण के तहत गंगाशहर जोन में चल रही सीवरेज परियोजना अंतिम चरण में हैं । इसी महीने से आरयूआईडीपी की ओर से घर घर कनेक्शन देने का काम शुरू कर दिया है । इसके तहत इस क्षेत्र के लगभग 42 हजार 626 घरों में सीवर कनेक्शन होने है ।
विभाग की ओर से शुरू के छ: महीनों में गंदे पानी से प्रभावित सुजानदेसर, श्रीरामसर, शीतला गेट, कादरी कॉलोनी, चोपड़ा बाड़ी, कुम्हारो का मोहल्ला आदि क्षेत्रों में घरों में कनेक्शन देने का कार्य प्राथमिकता से किया जाएगा। आरयूआईडीपी के अधिशाषी अभियंता अनुराग शर्मा ने बताया कि इस परियोजना के तहत 97 प्रतिशत कार्य भौतिक रूप से पूरा हो चुका है। घर-घर निशुल्क सीवर कनेक्शन का कार्य इसी महीने शुरू कर दिया गया है। विभाग की ओर से सुजानदेसर स्थित ट्रीटमेंट प्लांट से शोधित जल का निष्कासन भी अगले महीने शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
227.23 करोड़ की परियोजना
अधिशाषी अभियंता के अनुसार गंगाशहर सीवरेज परियोजना 227.23 करोड़ रुपए की है। इसमें निर्माण कार्य की लागत 207. 24 करोड़ रुपए तथा 19.99 करोड रुपए इसके संचालन एवं संधारण के लिए निर्धारित की गई । ठेका कंपनी अगले 10 वर्षों तक सीवरेज के संचालन के संधारण का काम देखेगी। परियोजना के तहत सुजानदेसर में 20 एमएलडी क्षमता का सीवरेज जल शोधन संयंत्र का निर्माण एसबीआर पद्धति से किया जा रहा है ।
संयंत्र से निकलने वाले जल में बीओडी की मात्रा न्यूनतम 10 होगी जिससे इस जल का उपयोग खेती के कार्यो में किया जा सकता है । शर्मा के अनुसार निष्कासित शोधित जल के उपयोग अथवा वितरण के लिए नगर निगम बीकानेर के निर्देशों अनुसार कार्यवाही की जानी प्रस्तावित है।.नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष महावीर रांका के अनुसार वर्ष 2018 में गंगाशहर क्षेत्र के लिए शुरू की गई इस परियोजना का लाभ क्षेत्रवासियों को मिलना शुरू हो जाएगा । वर्षों से गंदे पानी और गंदगी का दंश झेल रहे लोगों को इससे मुक्ति मिलेगी तथा सीवरेज के शोधित जल का उपयोग गोचर भूमि में वृक्षारोपण, खेती व पशुओं के लिए घास उगाने जैसे कामों किया जा सकेगा ।