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घाटा बढ़ने के बावजूद जोमैटो ने पकड़ी रफ्तार:घाटा 99.8 करोड़ से बढ़कर 356 करोड़, लेकिन कंपनी का शेयर 5% भागा

मुंबई

फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो IPO से लेकर अब तक चर्चा में है। घाटा बढ़ने के बाद भी आज यानी बुधवार को जोमैटो के शेयर में करीब 5% की शानदार तेजी है। तेजी की वजह है घाटा बढ़ने के बाद भी जेफरीज ने जोमैटो में खरीदारी की राय दी है।

जेफरीज की जोमौटो पर खरीदारी की सलाह
जेफरीज ने जोमौटो पर खरीदारी की राय दी है। ब्रोकरेज हाउस ने शेयर का लक्ष्य 175 रुपए तय किया है। उनका कहना है कि 170 करोड़ रुपए का एडजस्टेड कामकाजी घाटा अनुमान के मुताबिक रहा है। उन्होंने FY22-24 के लिए रेवेन्यू एस्टिमेट 10-20% बढ़ाया है।

कमाई के साथ घाटा भी बढ़ा
कंपनी का घाटा अप्रैल से जून के दौरान 256% बढ़कर 356.2 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पिछले साल की समान तिमाही में 99.8 करोड़ रुपए था। अप्रैल से जून के दौरान जोमैटो की कुल आमदनी 844.4 करोड़ रुपए रही, जो कि पिछले साल की समान तिमाही में 266 करोड़ रुपए थी। कंपनी का एडजस्टेड कामकाजी घाटा 170 करोड़ रुपए रहा, जो पिछली तिमाही में 120 करोड़ रुपए था।

बिजनेस में ग्रोथ के कारण आय बढ़ी
कंपनी ने बताया कि हमारे कोर बिजनेस की अच्छी ग्रोथ के कारण आमदनी बढ़ी है। कोरोना महामारी के बावजूद कोर बिजनेस की ग्रोथ मजबूत हुई है। वहीं दूसरी तरफ रेस्तरां में बैठकर खाने वालों की संख्या घटने से भी हमें फायदा हुआ है।

फूड डिलीवरी बिजनेस 4 गुना बढ़ा
अप्रैल-जून के दौरान कंपनी का ऑनलाइन ऑर्डर कारोबार तेजी से बढ़ा है। इस दौरान भारत में फूड डिलीवरी बिजनेस सालाना आधार पर 4 गुना बढ़कर 4,540 करोड़ रुपए हो गया है। कंपनी के मुताबिक पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से फूड डिलीवरी बिजनेस के मार्जिन में कमी आई है, लेकिन अच्छी डिमांड के चलते बेहतर ग्रोथ हासिल हुई है।

खर्च बढ़ने से घाटा बढ़ा
अप्रैल-जून के इस दौरान खर्च ज्यादा होने से कंपनी का घाटा बढ़ा है। कंपनी का कुल खर्च 1259.7 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल की इसी तिमाही में 383.3 करोड़ रुपए था। जोमैटो के CEO दीपेंद्र गोयल ने कहा कि एंप्लॉय स्टॉक ओनरशिप प्लान (ESOP) पर खर्च बढ़ने के चलते कंपनी का घाटा बढ़ा।

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