जमीन की कुर्की-नीलामी रूकवाने के लिए 20 जून को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन
by seemasandesh
अखिल भारतीय किसान सभा ने की घोषणा हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। किसानों की जमीन की कुर्की और नीलामी की कार्रवाई रोकने की मांग को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा की ओर से 20 जून को जिला कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया जाएगा। यह घोषणा शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर जंक्शन की एक धर्मशाला में आयोजित प्रेस वार्ता में सभा के पदाधिकारियों ने दी। प्रेस वार्ता में अखिल भारतीय किसान सभा के रघुवीर वर्मा ने आरोप लगाया कि हनुमानगढ़ के उपखण्ड अधिकारी की ओर से किसानों की भूमि कुर्क की जा रही है। वर्तमान में हनुमानगढ़ तहसील के 1500 से ज्यादा किसानों की भूमि की कुर्की की प्रक्रिया चल रही है जबकि राज्य सरकार की ओर से 20 फरवरी 2022 को किसानों की भूमि कुर्की व नीलामी पर रोक लगाई गई थी। इसके बावजूद हनुमानगढ़ उपखण्ड अधिकारी लगातार कुर्की प्रक्रिया जारी रखे हुए हैं। इससे किसानों में भय व्याप्त है। रघुवीर वर्मा ने कहा कि दूसरी तरफ इस बार राजस्थान सरकार ने कृषि बजट अलग से पेश किया लेकिन किसानों को कोई फायदा नहीं मिला जबकि कांग्रेस सरकार ने चुनाव के मेनिफेस्टो में सम्पूर्ण कर्जा माफी 10 दिन में करने की बात की थी लेकिन उसे अभी तक पूरा नहीं किया। अभी भी राजस्थान के किसानों पर 25 हजार करोड़ रुपए का कर्जा है। दूसरी तरफ एक लाख ग्यारह हजार के किसानों की भूमि कुर्की के आदेश दिए जा चुके हैं। चुनावों में सम्पूर्ण कर्जा माफी की घोषणा के बाद भी यह प्रक्रिया जारी है। पूरे देश के किसानों की बात करें तो कुल 16,80367 करोड़ रुपए का कर्जा है जबकि एक आरटीआई में रिजर्व बैंक ने बताया कि पिछले साल 50 बड़े पूंजीपतियों का 68,607 करोड़ रुपए लोन माफ किया गया। सुरेन्द्र शर्मा ने कहा कि नाबार्ड की हर दिन की रिपोर्ट के मुताबिक देश के कुल परिवारों का 48 प्रतिशत खेती पर निर्भर है। इसमें 52.5 प्रतिशत कर्जे में दबे हैं। आज किसानों की मासिक आय पूरे परिवार की आय समेत 8 हजार 931 रुपए है। अगर प्रतिव्यक्ति की आय निकाली जाए तो 61 रुपए 50 पैसे रोज की आमदनी है। केरल में 99 रुपए, जो पंजाब-हरियाणा के बाद सबसे ज्यादा है। जबकि केन्द्र सरकार ने चुनाव में घोषणा की थी की किसानों की आय 2022 में दोगुनी कर देंगे जबकि ऐसा कुछ नहीं हुआ बल्कि महंगाई दोगुनी से ज्यादा हो गई है। आज भी सिर्फ 1 प्रतिशत लोगों का देश की 73 प्रतिशत सम्पदा पर कब्जा है। आर्थिक मानकों पर किसान बेहद असुरक्षित है। कम आय, बढ़ती लागत और नीतिगत दुर्व्यवहार ने कृषि संस्कृति को संकट में डाल दिया। भारतीय राजनीति व भाजपा साम्प्रदायिक और धार्मिक नए-नए संकट दिखाकर लोगों का ध्यान भटका रही है। जगजीत सिंह जग्गी ने कहा कि अखिल भारतीय किसान सभा किसानों के मूल मुद्दे फसलों की एमएसपी बढ़ाने, किसानों को पानी-बिजली उपलब्ध करवाने, कृषि में नई तकनीक लाने व किसानों के कर्जे माफ को लेकर अपनी आवाज उठा रही है। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ क्षेत्र में भूमि कुर्की व नीलामी को रोकने व किसानों का सम्पूर्ण कर्ज माफ करवाने के लिए अखिल भारतीय किसान सभा आंदोलन चलाएगी। इसके तहत जिला कलक्ट्रेट पर 20 जून को प्रदर्शन किया जाएगा। प्रेस वार्ता में सरपंच बलदेव सिंह व ओम मक्कासर भी मौजूद थे।