जम्मू
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के फुल कोर्ट की संस्तुति पर उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने निलंबित सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं सब जज राजेश कुमार अबरोल को बर्खास्त कर दिया है। नौकरानी से धोखे से शादी एवं दुष्कर्म के दोषी राजेश को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अक्तूबर महीने में 17 साल की कैद और 70 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई थी।
कानून एवं संसदीय मामलों के विभाग के सचिव अचल सेठी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि 21 अक्तूबर से उनकी सेवाएं समाप्त की गई हैं। उप राज्यपाल ने संविधान के अनुच्छेद 311 का उपयोग करते हुए तथा फुल कोर्ट की संस्तुति पर बर्खास्तगी को मंजूरी प्रदान की है।
जम्मू फास्ट ट्रैक कोर्ट ने धोखे से शादी और दुष्कर्म के दोषी राजेश कुमार अबरोल को 17 साल की कैद और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। धोखे से शादी के लिए जुर्माने सहित सात साल सामान्य कैद व दुष्कर्म के लिए जुर्माने समेत दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। दोनों सजाएं अलग-अलग चलेंगी।
राजेश पर नौकरानी से फ र्जी शादी करने के बाद दुष्कर्म करने का मामला 12 जनवरी 2018 को दर्ज हुआ था। अभियोजन प्रक्रिया के तहत आरोपी पर दोष साबित हो गया। फ ास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी खलील ने कहा कि जुर्माना राशि न देने पर दोषी को तीन माह की अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी।