भरतपुर।
राजस्थान के भरतपुर स्थित कुम्हेर उपखंड के गांव रारह निवासी वीरेंद्र सिंह कुंतल को 18 साल बाद शहीद का दर्जा मिला है। वीरेन्द्र आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे। गुरुवार को बीएसएफ के अधिकारी शहीद के घर पहुंचे और शहीद की पत्नी को उनके पति के शहीद होने के दर्जा के रूप में प्रमाण पत्र सौंपा गया।
कौन थे शहीद वीरेंद्र सिंह
जिले के रारह गांव निवासी वीरेंद्र सिंह कुंतल 16 अगस्त 1994 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे। वह बीएसएफ की 52वीं बटालियन में तैनात थे। जम्मू कश्मीर में तैनाती के दौरान 9 जून 2004 की रात में सूचना मिली थी कि अनंतनाग की एक मस्जिद में आतंकवादी आकर छुप गए हैं। वीरेन्द्र अपनी टीम के साथ वहां सर्च ऑपरेशन के लिए गए थे। जब मस्जिद में छिपे आतंकवादियों को बीएसएफ के जवानों ने चारों तरफ से घेर लिया तो आतंकवादियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी और ग्रेनेड से हमला कर दिया। आतंकवादियों के हमले में वीरेंद्र सिंह को गोली लगी और वह शहीद हो गए। वीरेंद्र सिंह के शहीद होने के बाद उनके घर में पत्नी सुमन देवी और एक पुत्र व पुत्री है, जो फिलहाल शहर कोतवाली थाना क्षेत्र में रह रहे हैं।