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जयपुर में 19 फरवरी को कांग्रेस का खुला अधिवेशन, मंत्रियों की कार्यशैली रहेगी निशाने पर, गहलोत सरकार के कामकाज का होगा आंकलन

जयपुर

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अधिवेशन 19 फरवरी को होने जा रहा है। इस बात की पूरी संभावना है कि अधिवेशन में मंत्रियों की कार्यशैली और नौकरशाही के हावी होने से नाराज कांग्रेसी नेताओं का गुस्सा फूट सकता है। राजनीतिक नियुक्तियों से वंचित रहे विधायकों एवं पार्टी कार्यकर्ताओं के निशाने पर अफसरशाही रहेगी। ऐसे कांग्रेसी नेता जो राजनीतिक नियुक्तियां पाने के इंतजार में थे। लेकिन अब यह तय हो गया है कि नियुक्तियां नहीं मिलेंगी। ये नेता सरकार के प्रति गुस्सा जाहिर करने में कोताही नहीं बरतेंगे।

कार्यकर्ता महत्वपूर्ण नियुक्तियां अफसरों को देने से नाराज

नाराज कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि जब एक बार किसी नेता को विधायक का टिकट दे दिया तो फिर हारने के बाद उसे ही नियुक्ति क्यों दी जाए। इसी तरह विधायकों के परिजनों को भी राजनीतिक नियुक्तियां नहीं दी जाने चाहिए। बताया जा रहा है कि अधिवेशन में सरकार का कामकाज, जन घोषणा पत्र की पालना और बजट के लिए  सुझावों पर  चर्चा होगी।  वहीं दूसरी ओर नाराज कांग्रेस नेता इस अवसर का उपयोग मंत्रियों की कार्यशैली को निशाने बनाने के लिए करने की तैयारी कर रहे हैं। कुछ दिनों तक पहले नाराजगी राजनीतिक नियुक्तियों में देरी को लेकर थी। साथ में मंत्रियों की कार्यशैली और सरकार में नौकरशाही के हावी होने को लेकर थी। राजनीतिक नियुक्तियां होने के बाद इस मुद्दे पर नाराजगी कम हुई है। लेकिन मंत्रियों की कार्यशैली और नौकरशाह के बर्ताव को लेकर नाराजगी बनी हुई है। कुछ कांग्रेसी नेता महत्वपूर्ण पदों पर ब्यूरोक्रेट्स को नियुक्तियां देने से गुस्से में है।