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जीडीपी के ‘अच्छे’ आंकड़ों के बाद मूडीज से लेकर SBI तक ने बढ़ाई टेंशन

नई दिल्ली

भारत की वित्तवर्ष 2022-23 की पहली तिमाही के जीडीपी ग्रोथ का आंकड़ा 13.5 प्रतिशत रहा। 13.5% की बढ़त का यह आंकड़ा पिछले एक साल का सबसे बड़ा उछाल है, जो दिखाता है कि इस वक्त दुनिया की सारी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले भारत सबसे तेज गति से बढ़ रहा है, लेकिन जरा ठहरिए।

बहुत ऊंची उम्मीदों के कारण रेटिंग एजेंसियों को इस आंकड़े ने चिंतित कर दिया है। सिटीग्रुप, गोल्डमैन सैक्स, मूडीज और एसबीआई सहित जीडीपी का आंकड़ा जारी होने के बाद एजेंसियों के एक समूह ने वित्तीय वर्ष के लिए मार्च 2023 तक भारत की जीडीपी वृद्धि को घटा दिया है। वहीं, भारतीय स्टेट बैंक ने भी विकास दर का अनुमान 7.5 प्रतिशत से घटाकर 6.8 प्रतिशत कर दिया है।

अर्थव्यवस्था में तेज गिरावट आने का डर

उधर ब्लूमबर्ग के अर्थशास्त्रियों को भी लगता है कि भारत में अर्थव्यवस्था में सुधार की रफ्तार में तेज गिरावट आने का डर है। रिजर्व बैंक ने ब्याज दरें तेजी से बढ़ाई हैं। इससे लोन लेना महंगा पड़ रहा है, दूसरी ओर दुनिया भर में मंदी का डर भारतीय बाज़ार में भी मांग पर बुरा असर डाल सकता है।