नई दिल्ली
टाटा समूह को एअर इंडिया की कमान ऐसे समय मिली है, जब भारत में विश्वस्तरीय अंतरराष्ट्रीय उड़ान की जरूरत शिद्दत से महसूस की जा रही थी। 2019 में जेट एयरवेज बंद होने से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए घरेलू एयरलाइन का खालीपन बना हुआ था। यही कारण है कि भारत से विदेश जाने वाले यात्रियों में से 61% यानी करीब 4 करोड़ यात्री हर साल विदेशी एयरलाइन से उड़ान भरते थे। विशेषज्ञों का कहना है कि ये यात्री टाटा के लिए ट्रम्प कार्ड साबित होंगे।