Wednesday, May 13निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों का धानमंडी में विरोध-प्रदर्शन

  • ट्रक आॅपरेटरों पर परेशान करने का लगाया आरोप
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    गेहूं का परिवहन करने का कार्य करने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों ने ट्रक आॅपरेटरों पर परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर बेवजह परेशान करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को टाउन की धानमंडी में विरोध-प्रदर्शन किया। ट्रैक्टर-ट्रॉली यूनियन के बैनर तले विरोध-प्रदर्शन कर रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों ने सुनवाई न होने पर आंदोलन का रास्ता अपनाने की चेतावनी दी। इस मौके पर यूनियन के नरेश कुमार बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के वाणिज्यिक उपयोग के लिए परिवहन विभाग को उचित शुल्क जमा करवाकर रजिस्ट्रेशन करवाया हुआ है। लेकिन उन्हें भी काम नहीं मिल रहा। उनके वाहनों का पंजीयन 2017 में हुआ था। अब पांच साल बाद धानमंडी से गेहूं के परिवहन का काम मिला है तो ट्रक आॅपरेटर परेशान कर रहे हैं। निर्धारित 26 क्विंटल वजन पर भी परिवहन विभाग के अधिकारियों की ओर से ट्रक आॅपरेटर यूनियन के दबाव में आकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के नाजायज रूप से बिना किन्हीं उचित मापदण्डों के चालान किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रक आॅपरेटर यूनियन की ओर से टाउन में शंकर धर्मकांटा के पास दिए जा रहे धरने के कारण अनुज्ञाधारी ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक जब वजन करवाने जाते हैं, उस समय ट्रक आॅपरेटर यूनियन के सदस्य जान-बूझकर अनावश्यक तीव्र शोरगुल करते हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक के पास पूर्ण दस्तावेज होने के बावजूद भी जांच अधिकारी को दस्तावेज दिखाते समय ट्रक आॅपरेटरों की ओर से सामूहिक रूप से शोरगुल कर चालान करने के लिए बाध्य करने की कोशिश की जाती है। इससे ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक अनावश्क रूप से मानसिक प्रताड़ना झेल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रक आॅपरेटर यूनियन की ओर से अनावश्यक रूप से धरना-प्रदर्शन जारी रखकर ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों को अनावश्यक परेशान कर जिला कलक्टर की ओर से गठित संयुक्त जांच दल के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। लेकिन प्रशासन उनका सहयोग नहीं कर रहा। ट्रैक्टर-ट्रॉली यूनियन सदस्यों ने मांग की कि ट्रक आॅपरेटर यूनियन को पाबंद किया जाए कि वे ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों को अनावश्क रूप से परेशान न करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सुनवाई नहीं हुई तो वे जिला कलक्ट्रेट के सामने भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे। इस मौके पर कई ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक मौजूद थे।