डायबिटीज होने की एक वजह इंसान के जीन्स भी हैं। वैज्ञानिकों का कहना है, GIGYF1 नाम का जीन्स टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा 6 गुना तक बढ़ाता है। यह इंसुलिन को कंट्रोल करता है और हर 3 हजार में से एक इंसान में पाया जाता है।
टाइप-2 डायबिटीज की स्थिति में ब्लड शुगर का लेवल शरीर में बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। इसे कंट्रोल करने के लिए शरीर में इंसुलिन नहीं बन पाता। ज्यादातर लोगों में बढ़ता मोटापा और फैमिली हिस्ट्री इसकी वजह होती है।
एक से दूसरी पीढ़ी में पहुंचता है जीन्स
वैज्ञानिकों का कहना है, परिवार में किसी को डायबिटीज होने पर यह अगली पीढ़ी के लोगों में हो सकती है। बीमारी को एक से दूसरी पीढ़ी में ले जाने का काम जीन्स करते हैं। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने GIGYF1 जीन्स को डायबिटीज होने का एक कारण बताया है। हालांकि, इस पर अभी और रिसर्च होनी बाकी है।
बीमारियों की वजह भी बन सकते हैं जीन्स
शोधकर्ता डॉ. जॉन पेरी कहते हैं, टाइप-2 डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियां होने में जीन्स का रोल होता है। ऐसे जीन्स पुरुष और महिला दोनों में पाए जाते हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक, मॉडर्न तकनीक के कारण इंसान में मौजूद 20 हजार से अधिक जीन्स के डीएनए सीक्वेंस को पढ़ा और समझा जा सकता है। इनकी पड़ताल करने के बाद ये बताया जा सकता है कि कौन से जीन्स बीमारियों की वजह बन सकते हैं।
80 हजार लोगों के जीन की पड़ताल की
रिसर्च के लिए ब्रिटेन के बायोबैंक से 80 हजार पुरुषों का जेनेटिक डाटा लेकर पड़ताल की गई। पड़ताल में सामने आया कि Y क्रोमोसोम का कनेक्शन उम्र से जुड़ी बीमारियां जैसे कैंसर और टाइप-2 डायबिटीज से है। इसके अलावा GIGYF1 जीन के कारण ही Y क्रोमोसोम को नुकसान होता है।
दुनियाभर के डायबिटीज के 46 करोड़ मरीज हैं। सिर्फ ब्रिटेन में ही 40 लाख से अधिक लोग इससे जूझ रहे हैं, इनमें से 90 फीसदी लोग मोटापे से परेशान हैं। यहां 2025 तक मोटापे के कारण डायबिटीज के मरीजों का आंकड़ा 50 लाख तक पहुंच सकता है।