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तीन सालों में सबसे सस्ती सब्जी:सभी सब्जियों की कीमत 3 से 20 रुपए किलो के बीच, किसानों को लागत निकालना भी मुश्किल

मुंबई

ग्राहकों के लिए सब्जी के मोर्चे पर राहत मिली है। पेट्रोल, डीजल और गैस के साथ अन्य सामानों के भाव भले ऊपर हों, लेकिन सब्जियों की कीमत 3 सालों में सबसे सस्ती हो गई हैं। सभी सब्जियां 3 रुपए से लेकर 20 रुपए किलो के बीच बिक रही हैं।

खाने की थाली में केवल सब्जी ही सस्ती है

खाने की थाली में अगर देखें तो इस समय केवल सब्जी ही एकमात्र आइटम है जो सबसे सस्ती है। इससे न तो सरकार परेशान है न ग्राहक परेशान है। लेकिन किसान जरूर परेशान हैं। क्योंकि इन सब्जियों को उगाने के लिए किसान जो लागत लगा रहे हैं, वह भी नहीं निकल पा रही है। किसान सब्जियों को फेंकने की बजाय इसे सस्ते दाम पर ही बेच रहे हैं।

सब्जियों की आवक ज्यादा है

नासिक के होलसेल बाजार से मुंबई लाकर सब्जी बेचने वाले बिपिन गुप्ता बताते हैं कि सभी सब्जियों की आवक काफी है। आवक की तुलना में खपत कम है। आलू जहां इस समय 16 रुपए किलो है, वहीं प्याज 20 रुपए किलो थोक बाजार में है। वे कहते हैं कि थोक बाजार में टमाटर 3 रुपए किलो है। कुछ दिन पहले तक इसका भाव 1 रुपए किलो तक पहुंच गया था।

दो महीने पहले महंगी थीं सब्जियां

वे बताते हैं कि दो महीने पहले तक यही सब्जियां 10 से 30 रुपए किलो बिक रही थीं। पर इस समय यह काफी सस्ती हो गई हैं। वैसे नासिक के साथ इंदौर, बंगलुरू जैसे इलाकों में भी सब्जियों का प्रोडक्शन इस समय ज्यादा है। अगस्त में कम बारिश की वजह से सब्जियों पर असर भी बहुत कम हुआ है।

कोरोना से पहले की मांग अभी भी नहीं आई

बिपिन गुप्ता कहते हैं कि सब्जियों की जो मांग कोरोना से पहले थी, वह अभी भी नहीं आई है। इसका कारण एक तो ज्यादातर लोग अभी भी गांव से शहरों में लौट नहीं पाए हैं। दूसरा लोग अब थोड़ा सावधानी से खर्च कर रहे हैं। इसके अलावा सब्जियों का एक्सपोर्ट भी इस समय कम है। इसका कारण यह है कि हवाई किराया ज्यादा है।

बारिश ज्यादा हुई तो कीमत बढ़ सकती है

मुंबई में ही नासिक से सब्जी लाने वाले बंशराज चौहान बताते हैं कि सितंबर में अगर बारिश ज्यादा होती है तो कीमतें ऊपर जा सकती हैं, पर अभी तक तो ऐसा नहीं लग रहा है। सितंबर का पहला हफ्ता तो निकल चुका है। उनका कहना है कि बारिश ही मुख्य कारण होती है जिससे सब्जियों की कीमतों पर असर होता है। ज्यादा बारिश से सब्जियों पर असर होने से इनकी कीमतें 10-20% बढ़ जाती हैं।

रिेटेल में भाव ज्यादा है

वे बताते हैं कि होलसेल मार्केट में भले ही भाव कम है, पर रिटेल में भाव ज्यादा है। कारण यह है कि नासिक से मुंबई लाने का खर्च भी सब्जियों की कीमतों में जुड़ जाता है। होलसेल की बात करें तो भिंडी 10-12 रुपए किलो, गवार 24 रुपए किलो और टिंडली 20 रुपए किलो बिक रहा है। सूरन 20 रुपए जबकि कोहड़ा 8-10 रुपए किलो बिक रहा है।

इसी तरह अदरक, मिर्चा और धनिया भी सस्ते भाव में हैं। अदरक होलसेल बाजार में इस समय 40 रुपए किलो बिक रहा है। उनका कहना है कि पिछले 3 सालों में सब्जियों की यह कीमतें निचले स्तर पर हैं। हालांकि सब्जियों की ढुलाई की लागत जरूर महंगी है क्योंकि डीजल की कीमत 100 रुपए के करीब है।

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