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थानाधिकारी के रीडर के लिए डेढ़ लाख की रिश्वत लेते हुए सरकारी अध्यापक गिरफ्तार

महिला से हत्या के मामले में आग लगाने के लिए रीडर ने मांगी दो लाख की रिश्वत, अब फरार

श्रीगंगानगर । जैतसर थाना में एक युवक की हत्या के दर्ज हुए मुकदमे में आरोपी उसकी पत्नी से डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक सरकारी अध्यापक को गिरफ्तार कर लिया। यह अध्यापक जैतसर थाना के प्रभारी मदनलाल बिश्नोई के रीडर,एएसआई रमेश मीणा से परिवादी वीरपालकौर से उसके विरुद्ध दर्ज हुए मुकदमे में अंतिम प्रतिवेदन (एफआर)लगवाने की एवज में ले रहा था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एसीबी की हनुमानगढ़ चौकी के प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तेजपालसिंह ने आज दोपहर जैतसर थाना क्षेत्र में चक 14-एसएचपीडी निवासी वीरपालकौर जटसिख (35) से उसके घर में ही रिश्वत के डेढ लाख रुपए लेते हुए भीमसेन ओड (44)निवासी चक 15-जीबी(चक 8-बीजीडी) को रंगे हाथ काबू किया। भीमसेन श्रीविजयनगर तहसील क्षेत्र में चक 1-जेकेएम के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में प्रबोधक (सरकारी अध्यापक) के पद पर नियुक्त है।उसे काबू करने के तुरंत बाद एसीबी की टीम जैतसर थाना में थानाधिकारी मदनलाल बिश्नोई के रीडर रमेश मीणा को काबू करने के लिए पहुंची लेकिन वहथाने के ही किसी काम से सूरतगढ़ गया हुआ था। सूत्रों के अनुसार भीमसेन के पकड़े जाने की भनक लगने पर रमेश मीणा गायब हो गया है।

एसीबी के सूत्रों के अनुसार वीरपालकौर के पति लक्खासिंह जटसिख की विगत 19 जुलाई को मृत्यु हो गई थी। उसने कुछ दिनों बाद ससुराल वालों परदेवर से जबरदस्ती शादी का प्रयास करने और मारपीट कर घर से बाहर निकाल देने का आरोप लगाते हुए अदालत में इस्तगासा दायर किया। अदालत के आदेश पर ससुराल वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। दूसरी ओर वीरपालकौर पर उसके पति लक्खासिंह की किसी अन्य व्यक्ति के साथ अवैध संबंध होने के चलते हत्या कर देने का आरोप लगाते हुए उसके ससुर ने धारा 302 में मुकदमा दर्ज करवाया। जैतसर थाना में तीन-चार दिन पहले यह परस्पर मुकदमे एक ही दिन दर्ज किए गए। लक्खासिंह के पिता ने पुत्र वधू पर कथित प्रेमी के साथ मिलकर हत्या करने का आरोप लगाया। दूसरी तरफ वीरपालकौर ने ससुराल वालों पर देवर से जबरदस्ती शादी का प्रयास करने और बच्चों सहित घर से बाहर निकाल देने का मुकदमा दर्ज करवाया।

एसीबी सूत्रों के अनुसार थानाधिकारी के रीडर रमेश मीणा के दलाल सरकारी अध्यापक भीमसेन ओड ने वीरपाल कौर से उसके विरुद्ध दर्ज हत्या के मुकदमे में अंतिम प्रतिवेदन (एफआर) लगवा देने के लिए संपर्क किया। इसकी एवज में दो लाख रुपए की मांग की। वीरपाल कौर ने कल एसीबी के उच्च अधिकारियों को इसकी शिकायत कर दी। हनुमानगढ़ एसीबी को कार्रवाई करने के निर्देश उच्च अधिकारियों द्वारा किए गए।सत्यापन करवाए जाने पर रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हो गई। एसीबी हनुमानगढ़ चौकी के प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तेजपालसिंह और उनकी टीम में शामिल सीआई सुभाषचंद्र तथा जगदी राय, कमलजीतकौर,वरुणकुमार, विनयविशाल, बजरंगलाल हंसराज तथा ओमप्रकाश सोनी ने जाल बिछाकर भीमसेन को आज दोपहर वीरपालकौर के घर में डेढ़ लाख की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। सूत्रों ने बताया कि सत्यापन के दौरान अध्यापक एफआर लगवाने का काम डेढ़ लाख में करवाने में राजी हो गया था। भीमसेन को पकड़ने के बाद एसीबी की टीम जैतसर थाना में पहुंची तो रीडर रमेश मीणा नहीं मिला। वह थाने के काम से सूरतगढ़ गया हुआ था। फिर वही से गायब हो गया।

थानाधिकारी संदेह के दायरे से बाहर

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तेजपालसिंह ने बताया कि रिश्वत मांगे जाने के इस मामले में थानाधिकारी मदनलाल बिश्नोई की कोई संदिग्ध भूमिका अभी तक सामने नहीं आई है। वीरपालकौर के विरुद्ध दर्ज हुए हत्या के मुकदमे के जांच अधिकारी खुद थाना प्रभारी ही हैं। इस मुकदमे की पत्रावली को चेक किया गया तो उसमें थानाधिकारी ने लगभग जांच मुकम्मल कर रखी थी। थानाधिकारी का रीडर होने के कारण रमेश मीणा को अंदाजा हो गया कि इस मुकदमे में अंतिम प्रतिवेदन लगाए जाने की संभावना है। इसीलिए उसने अपने परिचित दलाल का वीरपालकौर से संपर्क करवाया। दलाल से वीरपाल कौर को विश्वास दिलाया कि अगर वह रिश्वत देगी तो उसके विरुद्ध दर्ज मुकदमे में एफआर लगवा दी जाएगी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रमेश मीणा की भूमिका काफी संदिग्ध है।उसकी तलाश की जा रही है। भीमसेन को कल शनिवार श्रीगंगानगर में एसीबी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।

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