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दीपक पूनिया ब्रॉन्ज मेडल मैच हारे, आखिरी 20 सेकेंड में मेडल हाथ से निकला; वर्ल्ड नंबर-1 विनेश फोगाट भी हारीं

टोक्यो

टोक्यो ओलिंपिक में भारतीय पहलवान दीपक पूनिया 86 KG वेट कैटेगरी का ब्रॉन्ज मेडल मैच हार गए हैं। सैन मैरिनो के नाजेम मायलेस एमिने ने उन्हें 4-2 से हराया। 5 मिनट 40 सेकेंड तक दीपक 2-1 से आगे थे। लेकिन, इसके बाद नाजेम ने सिंगल लेग अटैक के जरिए दो पॉइंट जुटाकर उन्हें पीछे छोड़ दिया।

भारतीय दल ने फैसले के खिलाफ अपील की जो उनके खिलाफ गई। इससे विरोधी पहलवान को 1 पॉइंट और मिल गया और उसने बाउट 4-2 से जीत ली। वहीं, रवि कुमार दहिया 57 KG वेट कैटेगरी के फाइनल में हार गए। उन्हें सिल्वर से संतोष करना पड़ा।

इससे पहले महिला कुश्ती में भारत को बड़ा झटका लगा है। भारत की दिग्गज रेसलर और वर्ल्ड नंबर-1 विनेश फोगाट को 53 किलोग्राम वेट कैटेगरी के क्वार्टर फाइनल मैच में हार का सामना करना पड़ा। उन्हें बेलारूस की वेनेसा कालाजिंसकाया ने 9-3 से हराया। विनेश की ब्रॉन्ज जीतने की उम्मीद भी समाप्त हो गई है। उनको हराने वाली पहलवान फाइनल में नहीं पहुंच सकी है।

वहीं पहलवान अंशु मलिक ब्रॉन्ज मेडल के मैच में हार गईं। उन्हें रेपचेज राउंड में हार का सामना करना पड़ा। रेपचेज के मुकाबले में उन्हें रूस ओलंपिक समिति की वैलेरिया कोबलोवा ने उन्हें 5-1 से हरा दिया।

प्री-क्वार्टर फाइनल मैच के दौरान विनेश फोगाट।

प्री-क्वार्टर फाइनल मैच के दौरान विनेश फोगाट।

रेपचेज राउंड के मैच के दौरान अंशु मलिक।

रेपचेज राउंड के मैच के दौरान अंशु मलिक।

1980 के बाद भारत ने हॉकी में ओलिंपिक में मेडल जीता
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने 41 साल के सूखे को खत्म करते हुए भारत को हॉकी में ब्रॉन्ज मेडल दिलाया। ओलंपिक में भारत की हॉकी टीम को इससे पहले 1980 में मॉस्को में मेडल मिला था। तब वासुदेवन भास्करन की कप्तानी में टीम ने गोल्ड जीता था। टीम इंडिया ने ब्रॉन्ज मेडल मैच में जर्मनी को 5-4 से हरा दिया।

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