देरी से पहुंचने पर छात्र को लगवाए चक्कर, हुआ पैरालिसिस
by seemasandesh
परिजनों का अस्पताल में हंगामा, कार्रवाई करने की मांग हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। टाउन में टिब्बी रोड स्थित एक निजी स्कूल में अध्ययनरत छात्र कुछ मिनट की देरी से स्कूल पहुंचा तो सजा के तौर पर उसे ग्राउंड के चक्कर लगाने को कहा गया। छात्र चक्कर लगाने लगा तो वह अचानक लड़खड़ाकर गिर गया। स्कूल स्टाफ ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने जांच के बाद छात्र के शरीर के एक हिस्से में पैरालिसिस होने की जानकारी दी। उधर, इससे नाराज छात्र के परिजनों ने शुक्रवार को स्कूल में हंगामा कर दिया। संबंधित अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। सूचना पर बाल कल्याण समिति की टीम भी स्कूल पहुंची लेकिन समिति का मामला न होने की बात कह टीम चली गई। सूचना मिलने पर ग्राम पंचायत अमरपुरा थेहड़ी के सरपंच रोहित स्वामी, ग्राम पंचायत गुरुसर सरपंच रामेश्वर कड़ेला, अरोड़वंश सभा के अध्यक्ष अतुल अरोड़ा आदि भी स्कूल पहुंचे। इस दौरान मौजूद गांव अमरपुरा थेहड़ी निवासी हरविन्द्र सिंह ने बताया कि उसका बेटा आकाशदीप टाउन में टिब्बी रोड स्थित डीएवी सेन्टेनरी पब्लिक स्कूल में कक्षा 12वीं में अध्ययनरत है। आकाशदीप गुरुवार को करीब एक-दो मिनट की देरी से स्कूल पहुंचा तो गेट बंद हो चुका था। गेट पर मौजूद टीचर ने आकाशदीप को डांटा। देरी से आने की सजा के तौर पर ग्राउंड के चक्कर लगवाए गए। चक्कर लगाते समय उसका बेटा नीचे गिर गया। दोबारा उठ नहीं पाया। स्कूल के अध्यापक उसे उठाकर अस्पताल ले गए और उन्हें सूचना दी। वे राजकीय जिला अस्पताल पहुंचे और वहां से अपने बेटे को छुट्टी दिलवाकर निजी अस्पताल ले गए तो चिकित्सक ने लकवा होने की जानकारी दी। परिजनों ने आरोप लगाया कि टीचर्स की डांट व सजा का उसके बेटे को गहरा सदमा लगा और उसे पैरालिसिस हो गया। उन्होंने ग्राउंड के चक्कर लगवाने की सजा देने वाले टीचर्स के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। वहीं स्कूल प्रिंसिपल क्रांतिसिंह ने बताया कि गुरुवार को देरी से आए स्टूडेंट को प्रार्थना के बाद अलग से रोका गया था। क्योंकि पूर्व में देरी से आने वाले स्टूडेंट को मौखिक कहा जाता रहा। पिछले कुछ समय से देरी से आने वाले स्टूडेंट को प्रार्थना के बाद रोकना शुरू कर दिया। गुरुवार को भी देरी से आने वाले करीब एक दर्जन स्टूडेंट को प्रार्थना के बाद टीचर ने ग्राउंड में चक्कर लगाने के लिए कहा। चक्कर लगाने के दौरान आकाशदीप पहले ही राउंड में लड़खड़ाकर बैठ गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। आकाशदीप के एक तरफ के हिस्सा में पैरालिसिस बताया गया। प्रिंसिपल ने कहा कि छात्र के परिजनों का गुस्सा जायज है लेकिन इसके लिए स्कूल को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।