श्रीगंगानगर
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के प्रशिक्षण केंद्र में 2 साल बाद फिर से रिक्रूटों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें देश के विभिन्न प्रदेशों में भर्ती हुए नए रिक्रूट प्रशिक्षण लेंगे। सीआरपीएफ के प्रशिक्षण में रिक्रूट को मुख्य रूप से लॉ एंड आर्डर, आतंकी गतिविधियों व विभिन्न हथियारों की ट्रेनिंग दी जाएगी।
सीआरपीएफ कमांडेंट महिपाल सिंह व डिप्टी कमांडेंट एके सिंह ने बताया कि सूरतगढ़ स्थित प्रशिक्षण शिविर का कोविड प्रोटोकॉल की गाइडलाइन के तहत 28 जून को विधिवत रूप से शुभारंभ किया जाएगा। ट्रेनिंग सेंटर जोधपुर के अंतर्गत ही रिक्रूट को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
175 एकड़ में फैले प्रशिक्षण परिसर में क्वार्टर, मेस, अस्पताल व प्रशिक्षण की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध है। ट्रेनिंग सेंटर में 1 कंमाडेंट, 2 डिप्टी कमांडेंट व 6 असिस्टेंट कमांडेंट के पद है।
सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट सिंह ने बताया कि सूरतगढ़ स्थित ट्रेनिंग सेंटर में सीआरपीएफ के 1100 जवान करीब 1 साल तक प्रशिक्षण लेंगे। इस दौरान उन्हें राज्यों के फिजिकली, लॉ एंड आर्डर, आतंकवादियों से लड़ना व आधुनिक हथियारों सहित लड़ाई के मैदान में दुश्मन के तांत खटे करने की ट्रेनिंग दी जाती है। ट्रेनिंग शिविर में आंध्रप्रदेश, झारखंड, राजस्थान, पंजाब, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, बिहार व रांची सहित अन्य राज्यों से भर्ती जवान प्रशिक्षण लेंगे।
वर्ष 2019 में बंद हो गया था प्रशिक्षण केंद्र, जोधपुर कर दिया था शिफ्ट : सीआरपीएफ केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन होता है। वर्ष 2014 में जोधपुर के नाम से ही इसे सूरतगढ़ में अस्थायी रूप से प्रशिक्षण शिविर शुरू किया गया था। जिसमें करीब 5 हजार जवान प्रशिक्षण ले चुके हैं। प्रशिक्षण केंद्र में करीब 1500 जवान एकसाथ प्रशिक्षण ले सकते हैं। इसके बाद वर्ष 2019 में यहां रिक्रूटों को प्रशिक्षण देना बंद कर दिया व ट्रेनिंग सेंटर को जोधपुर में स्थानांतरित कर दिया था।