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धोनी को नाबालिगा से दुष्कर्म करने पर सात साल कारावास

श्रीगंगानगर (सीमा सन्देश)। नाबालिगा से दुष्कर्म करने के दोषी धोनी को पोक्सो न्यायालय ने सात साल कठोर कारावास और 25 हजार रुपए अर्थदण्ड से दण्डित किया है। साथ ही न्यायालय ने पीड़िता को नियमानुसार प्रतिकर देने की भी अनुशंषा की है। पोक्सो न्यायालय की विशिष्ट लोक अभियोजक नवप्रीत कौर ने बताया कि 27 अगस्त 2015 को घमूड़वाली थाने में पीड़िता ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि बीती रात वह अपने घर पर आंगन में सो रही थी । इसी दौरान तीन अज्ञात व्यक्ति मुंह पर नाकाब बांध कर आए आए और आरोपितों ने बंदूक की नोक पर उसका अपहरण कर लिया। आरोपित उसे एक निमार्णाधीन मकान में ले जहां दो ने पहरेदारी की और तीसरे ने उससे दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपित उसे मुख्य रोड पर छोड़कर भाग गए। इस पर एक ग्रामीण की मदद से उसके पिता को सूचना दी गई। पुलिस ने परिवाद के आधार पर मुकद्दमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने दौराने जांच इस मामले में साधुराम और बलराम के अलावा ढाबां झल्लार निवासी शैलेन्द्र उर्फ धोनी पुत्र कृष्णलाल मेघवाल की भूमिका की जांच की। अनुसंधान के दौरान खुलासा हुआ कि शैलेन्द्र उर्फ धोनी की घटना से पूर्व पीड़िता से बात भी हुई थी और उसके साथ पीड़िता की दोस्ती थी। घटना के बाद पीड़िता तड़के गलियों में गई तो उसे किसी ने देख लिया और उसे घर पहुचां उसके पिता को बताया। पुलिस ने इस मामले में किशोरी से उसकी सहमति के बावजूद यौन संबंध बनाने पर आरोपी ढाबां झल्लार निवासी शैलेन्द्र कुमार उर्फ धोनी पुत्र कृष्णलाल मेघवाल को आरोपी बनाते हुए उसके विरूद्ध धारा 376(1) व 3/4 पोक्सो एक्ट में चार्जशीट पेश की। जिसका निस्तारण करते हुए न्यायाधीश अरुण कुमार अग्रवाल (द्वितीय) ने शैलेन्द्र उर्फ धोनी पोक्सो एक्ट में दोषी मानते हुए सात साल कठोर कारावास व पच्चीस हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। श्रीगंगानगर। एक किशोरी से आपसी सहमति के बावजूद दुष्कर्म करने पर अदालत ने एक आरोपी धोनी उर्फ शैलेन्द्र कुमार को सात साल कारावास व पच्चीस हजार रुपए जुमार्ने से दंडित किया है। यह निर्णय शुक्रवार को पोक्सो प्रकरणों की स्पेशल कोर्ट संख्या दो के विशेष न्यायाधीश अरुण कुमार अग्रवाल ने सुनाया।