Saturday, May 9निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

नई टैक्स रीजीम पर वित्त मंत्री:सीतारमण बोलीं- नई टैक्स रीजीम से मीडिल क्लास को लाभ होगा, इससे उनके हाथों में ज्यादा पैसा बचेगा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि नई टैक्स रीजीम से मीडिल क्लास को लाभ होगा। इससे उनके हाथों में ज्यादा पैसा बचेगा। निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2023-24 के बाद RBI की कस्टमरी सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स मीटिंग में शनिवार को हिस्सा लिया। इस मीटिंग के बाद सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में नई टैक्स रीजीम को लेकर यह बात कही है।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से निवेश करने के लिए व्यक्तियों को प्रेरित करना आवश्यक नहीं है। बल्कि उन्हें निवेश के संबंध में व्यक्तिगत निर्णय लेने का अवसर देना चाहिए। मीटिंग और उसके बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री के साथ RBI गवर्नर शक्तिकांत दास भी मौजूद थे।

अडाणी ग्रुप मामले पर सीतारमण ने क्या कहा?
कॉन्फ्रेंस के दौरान निर्मला सीतारमण से रिपोर्टर ने सवाल किया कि अडाणी ग्रुप के मामले में एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया गया है या नहीं? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘US बेस्ड शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद मार्केट में पैदा हुई स्थिति को संभालने के लिए इंडियन रेगुलेटर्स बहुत अनुभवी हैं। वे अपने डोमेन के एक्सपर्ट्स हैं। रेगुलेटर्स को मामले की जानकारी है और वे हमेशा की तरह अपना बेस्ट कर रहे हैं। तो ये उनके ऊपर ही छोड़ देना चाहिए।’

क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सीतारमण ने कही यह बात
क्रिप्टोकरेंसी को लेकर निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘क्रिप्टोकरेंसी में तकनीक का ज्यादा रोल है, इसलिए हम सभी देशों से बात कर रहे हैं। अगर क्रिप्टो को लेकर नियम लाना है, तो क्या कोई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसेस का पालन किया जा सकता है, क्योंकि क्रिप्टो पर एक अकेला देश कुछ नहीं कर सकता। इस पर G20 देशों के साथ चर्चा जारी है।’

रेगुलेटरी एप्लिकेशन और उनकी टाइमलाइन पर RBI ने क्या कहा?
वहीं RBI गवर्नर शक्तिकांत ने रेगुलेटरी एप्लिकेशन और उनकी टाइमलाइन पर किए गए सवाल पर कहा, ‘जब भी कोई नई पॉलिसी आती है, तो RBI द्वारा उसकी अनाउंसमेंट की जाती है। इसलिए स्टेकहोल्डर्स के साथ एडवांस कंसल्टेशन होना चाहिए। मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की पिछली घोषणा में भी हमने दंडात्मक ब्याज से संबंधित एक घोषणा की है। वहां भी हमने ड्राफ्ट सर्कुलर की भी अनाउंसमेंट की है। हम फाइनल सर्कुलर जारी नहीं कर रहे हैं, क्योंकि हम स्टेकहोल्डर्स की राय चाहते हैं। फिर वो रेगुलेटेड एंटिटीज, बैंक और फाइनेंशियल मार्केट में कोई अन्य खिलाड़ी ही क्यों ना हो।”