कोटा-बारां
राजस्थान के बारां और एमपी में हुई भारी बारिश से राजस्थान से मप्र का(छबड़ा-गुगोर-गुना वाया फतहगढ़) का संपर्क टूट गया है। पार्वती नदी उफान पर है। अवैध ट्यूब संचालक लोगों की जान जोखिम में डालकर नदी पार करा रहे हैं। इतना ही नहीं लोगों की मोटसाइकिल भी ट्यूब में रखकर पार कराई जा रही है। इसके लिए ट्रैक्टर के ट्यूब का इस्तेमाल किया जा रहा है। ट्यूब संचालक लोगों से नदी पार कराने के मुंह मांगे पैसे ले रहे हैं।

पुलिस की ड्यूटी के बाद भी अवैध तरीके से ट्यूब का संचालन हो रहा है।
पुलिस को देखकर रास्ता बदल लेते हैं
पार्वती नदी का एक छोर बापचा, छबड़ा, कवाई थाने में आता है। जबकि दूसरा छोर एमपी की सीमा में आता है। पार्वती नदी का डेढ़ किलोमीटर एरिया छबड़ा थाना क्षेत्र में आता है। यहां दो पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगी हुई है। इसके बावजूद अवैध ट्यूबों का संचालन रोज हो रहा है। जो पुलिस को देखकर पानी में ही रास्ता बदल लेते हैं। जब पुलिसकर्मियों से नदी में ट्यूबों के अवैध संचालन के बारे में पूछा गया तो कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि ये इनका रोज का काम है।

एमपी बॉर्डर पर फतहगढ़, हमीरपुर,पाटी गांव के लोग रोजगार व खरीदारी के लिए छबड़ा आते है।
रोजगार व खरीदारी के लिए आते हैं लोग
एमपी बॉर्डर पर फतहगढ़, हमीरपुर, पाटी गांव के लोग रोजगार व खरीदारी के लिए छबड़ा आते हैं। वर्तमान में गुगोर पार्वती पुलिया पर पानी की आवक होने से पुलिया डूब जाती है, जिससे राजस्थान और एमपी से संपर्क टूट जाता है। इसका फायदा उठाकर ट्यूब संचालक उफनती नदी में लोगों की जान जोखिम में डालकर अवैध तरीके से नदी पार करा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन को इसकी कोई जानकारी ही नहीं है। ये पुलिस-प्रशासन की आंखों के सामने उफनती नदी को पार कर रहे हैं।

स्थानीय प्रशासन को ऐसे लोगों की संख्या का पता भी नहीं है।
बड़ा हादसा हो चुका
साल 2017 में परवन नदी में बड़ा हादसा हो चुका है। परवन नदी की पुलिया पर पानी करीब छह फीट तक पहुंच गया था। पुलिया पर वाहनों की आवाजाही बंद थी। हरनावदाशाहजी की ओर से कुछ लोग नाव में सवार होकर जा रहे थे। नदी में आए तेज बहाव के कारण नाव पलट गई थी। नाव में करीब 16 लोग सवार थे। हादसे में 9 से ज्यादा लोगो की मौत हुई थी।

पुलिस को देखकर ये लोग पानी में ही रास्ता बदल लेते हैं।
छबड़ा थानाधिकारी रामानंद यादव ने बताया कि पानी की आवक होने के बाद से ही नदी पर दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा रखी है। करीब डेढ़ किलोमीटर के क्षेत्र पर पूरी नजर रखते हैं। ट्यूब संचालक एमपी बॉर्डर से आते हैं। पुलिस को देखकर पानी में ही दिशा बदल लेते हैं। आगे दूसरी जगह लोगों को उतारते-चढ़ाते हैं। पहले भी नाव संचालकों पर कार्रवाई कर नाव संचालन बंद करवाया दिया था। एमपी पुलिस को दूसरे छोर पर चौकसी बढ़ानी चाहिए।