चंडीगढ़
खेतों में हल जोतने वाले पंजाब के किसान सियासत की ओर क्यों अग्रसर हुए हैं। इस बड़े सवाल की कुछ बड़ी वजह भी हैं जिनके कारण किसानों को हल छोड़कर सियासत का झंडा उठाना पड़ा है। सबसे बड़ी वजह यह है कि पंजाब कृषि राज्य है। यहां की आर्थिकी का प्रमुख स्रोत किसानी है। इस कारण से यहां के अधिकतर मुद्दे भी किसानों से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा सूबे की कुल 117 सीटों में 77 सीटों पर किसानों की निर्णायक भूमिका भी उनकी इस दावेदारी को और मजबूत करती है।
पंजाब में कृषि से संबंधित 50362 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल है। इसके साथ ही 42 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है। अन्य राज्यों से यह आंकड़ा तो बहुत अधिक है, लेकिन इसके बाद भी पंजाब में अभी तक की सरकारों के द्वारा किसानों के लिए कुछ खास नहीं किया गया। राजनीतिक दलों को सत्ता की गद्दी तक पहुंचाने की क्षमता रखने वाले किसानों को हमेशा से ही इन राजनीतिक दलों ने उपेक्षित ही रखा। यही कारण है कि पंजाब से कटकर बना हरियाणा आज कृषि के क्षेत्र में कहीं आगे हैं।