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पचास फीसदी शिकायते कनिष्ठ अभियंता स्तर पर लंबित

बीकानेर. नगर निगम में कॉल सेंटर संचालित होने के बाद भी आमजन की शिकायतों का त्वरित निस्तारण नहीं हो रहा है। प्रभावी मॉनिटरिंग के अभाव में विभिन्न शाखाओं में आमजन की ओर से की गई शिकायतों पर सुनवाई में देरी हो रही है। कॉल सेंटर में दर्ज शिकायतों में निर्माण कार्य और सफाई से संबंधित शिकायतें अधिक लंबित चल रही है। कॉल सेंटर में दर्ज हुई शिकायतों में 28 जून तक 521 शिकायतें ऐसी है, जिनका अब निस्तारण होना है।

इनमें पचास फीसदी शिकायतें निगम के कनिष्ठ अभियंताओं के स्तर पर निस्तारित होनी है। जिनमें निर्माण कार्यो सहित एलईडी रिपेयर संबधित शिकायतें शामिल है। 255 शिकायतों पर निगम कनिष्ठ अभियंताओं को कार्यवाही करनी है। जबकि 140 शिकायते ऐसी है जो नाली, नाला, सीवर सफाई, पशुओं से संबंधित है। इनका स्वच्छ निरीक्षकों के स्तर पर निस्तारण होना है।

4118 शिकायतें दर्ज, 521 लंबित
नगर निगम में फरवरी 2021 में शुरू हुए कॉल सेंटर में अब तक 4118 शिकायतें निगम संबंधित विभिन्न कार्यो और सेवाओं से संबंधित है। इनमें से 3597 का निस्तारण करवाया जाना बताया जा रहा है, जबकि 521 शिकायते लंबित चल रही है। लंबित शिकायतों में रिपेयर वर्क सीवर,नाली, रोड रिपेयर की २०८, सफाई कार्य रोड, नाली, नाला, छोटे मृत पशु आदि से संबंधित 114 है। 16 शिकायतें सीवर, नाली, रोड रिपेयर, 17 शिकायतें विभिन्न पशुओं से संबंधित, अस्थायी अतिक्रमणों से संबंधित 21, अतिक्रमणों से संबंधित 13, एलईडी लाइटें रिपेयरिंग संबंधित 35, सीवर लाइन व चैम्बर संबंधित43 सहित विभिन्न प्रकार के कार्यो से संबंधित शिकायतें लंबित चल रही है।

इनसे संबंधित भी शिकायतें है बकाया
नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी स्तर पर 47, सीवर प्रभारी स्तर पर 38, राजस्व अधिकारी स्तर पर 14, डीटीपी स्तर पर 05 तथा होर्डिंग की 02शिकायतें लंबित चल रही है, जिनका निस्तारण संबंधित शाखा प्रभारी स्तर पर होना है।

कॉल सेंटर के बाद भी त्वरित निस्तारण नहीं
नगर निगम में कॉल सेंटर के संचालन के बाद भी आमजन की ओर से की जा रही विभिन्न प्रकार की शिकायतों का त्वरित समाधान नहीं हो पा रहा है। हालांकि कॉल सेंटर के शुरू होने के दौरान निगम की ओर से यह दावा किया गया था कि कॉल सेंटर में शिकायत दर्ज होते ही त्वरित निस्तारण किया जाएगा। कई शिकायतें पिछले काफी समय से लंबित चल रही है। उच्च अधिकारियों के स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग की बात कही गई थी, लेकिन ऐसा नजर नहीं आ रहा है।

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