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पबजी की लत छुड़ाने के लिए पिता ने दिव्यांश को शूटिंग रेंज पर भेजा था; ISSF वर्ल्डकप में चार गोल्ड मेडल जीत चुके हैं

दिव्यांश सिंह पंवार ने 2019 में बीजिंग में हुए ISSF वर्ल्ड कप में सिल्वर मेडल जीतकर 10 मीटर एयर राइफल में टोक्यो ओलिंपिक के लिए कोटा हासिल किया। दिव्यांश अब तक चार ISSF वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल पर निशाना लगा चुके हैं। वे जूनियर वर्ल्डकप में भी देश के लिए गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। वहीं दो जूनियर वर्ल्डकप में भी रिकॉर्ड बना चुके हैं। टोक्यो में इनसे मेडल जीतने की उम्मीद है।

राजस्थान के जयपुर के रहने वाले दिव्यांश को बचपन से ही शूटिंग का शौक था। इस वजह से उन्हें 12 साल की उम्र में ऑनलाइन गेम पबजी खेलने की लत लग गई थी। इस लत को छुड़ाने के लिए उनके पिता अशोक पंवार ने दिव्यांश को भी बड़ी बहन मानवी के साथ जयपुर के जंगपुरा शूटिंग रेंज पर भेजना शुरू किया। हालांकि बाद में उन्होंने दिल्ली के कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में कोच दीपक कुमार दुबे के पास प्रशिक्षण के लिए भेज दिया था। दिव्यांश भी एक इंटरव्यू में कह चुके हैं कि वे पबजी के दीवाने थे, लेकिन अब उनका लक्ष्य देश के लिए ओलिंपिक में मेडल जीतना है।

मां और पिता नर्सिंग स्टाफ
दिव्यांश के पिता अशोक पंवार जयपुर के सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज में वरिष्ठ नर्सिंग स्टाफ के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। मां निर्मला देवी भी नर्स हैं। घर पर ही मेडिकल स्टोर चलाती हैं।

अभिनव बिंद्रा हैं आदर्श
दिव्यांश बीजिंग ओलिंपिक 2008 में गोल्ड मेडल जीत चुके अभिनव बिंद्रा को अपना आदर्श मानते हैं। वे एक इंटरव्यू में भी कह चुके हैं कि अभिनव बिंद्रा को उन्होंने मेडल जीतते हुए टीवी पर देखा है, वह भी उसी तरह देश के लिए मेडल जीतना चाहते हैं।

2019 में ISSF वर्ल्डकप में 6 मेडल जीते
दिव्यांश 2019 में ISSF वर्ल्डकप में 6 मेडल जीते। जिसमें चार गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल ‌शामिल है। उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल में इंडिविजुअल में एक गोल्ड और एक सिल्वर जीते। जबकि मिक्स्ड डबल्स में 3 गोल्ड और एक ब्रॉन्ज मेडल जीते।

जूनियर में तीन मेडल जीत चुके हैं
दिव्यांश जूनियर वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप और जूनियर वर्ल्डकप में भी दो गोल्ड सहित तीन मेडल जीत चुके हैं। उन्होंने 2018 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में मिक्स्ड इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता। जबकि वर्ल्डकप में दो गोल्ड मेडल जीते।

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