बीकानेर. पिछले दस सालों में संभाग के सबसे बडे अस्पताल में काम का बोझ बढ़ रहा है। सरकार हर साल नई-नई योजनाएं ला रही है लेकिन योजनाओं के सफल व सुचारु संचालन का जिम्मा निभाने वाले कार्मिकों की भर्ती नहीं कर रही है। दो हजार करोड़ के करीब नए विभागों के लिए भवन बन गए हैं लेकिन कर्मचारी बढ़ाने के नाम पर प्रगति शून्य है। नतीजन न योजनाओं का काम सही हो रहा है और ना ही मरीजों को राहत मिल रही है। हालात यह है कि पीबीएम अस्पताल में स्वीकृत पदों में से ५२ फीसदी खाली है। इनमें चिकित्सा, नर्सिंग मंत्रालयिक, वार्ड बॉय, सफाईकर्मी सहित विभिन्न संवर्ग में १८२१ पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में ८७२ ही कार्यरत हैं जबकि ९४९ पद खाली है। पीबीएम अस्पताल में दो दशक पहले मंत्रालयिक सेवा के कर्मचारियों के ५२ पद स्वीकृत थे। इतने सालों में मंत्रालयिक पदों को बढ़ाया नहीं गया बल्कि हर साल कम होते जा रहे हैं। वर्तमान में केवल २८ मंत्रालयिक कर्मचारी ही कार्यरत हैं। इन महत्वपूर्ण पदों के रिक्त होने से काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।