Friday, May 15निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

पूर्वोत्तर में बढ़ते चीनी खतरे से निपटने की ठोस पहल

चीन के साथ संबंधों में तनातनी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश से लगी भारत-चीन सीमा पर आधारभूत ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित किया है.भारत सरकार ने राज्य के सीमावर्ती इलाकों में आधारभूत ढांचे को विकसित करने के लिए बीते साल के मुकाबले छह गुनी ज्यादा रकम आवंटित की है. अरुणाचल से लगी सीमा पर अपहरण और घुसपैठ के साथ चीनी सेना के अवैध अतिक्रमण और सीमा पार आधारभूत ढांचा मजबूत करने की चीनी पहल को ध्यान में रखते हुए सरकार के इस फैसले को बेहद अहम माना जा रहा है. खासकर बलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद चीन पूर्वोत्तर के सीमावर्ती इलाके में तेजी से आधारभूत परियोजनाएं विकसित करने में जुटा है. चाहे बांध और हाइवे का निर्माण हो या फिर सीमा के करीब तक बुलेट ट्रेन चलाने का. इलाके में बेरोजगारी को देखते हुए स्थानीय युवकों के चीनी सेना के हाथों अपहरण और चीनी सेना के लिए काम करने की बढ़ती घटनाओं को ध्यान में रखते हुए इलाके के राजनीतिज्ञ लंबे समय से आधारभूत ढांचा विकसित करने की मांग कर रहे थे. तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अब सरकार ने इस मद में 249.12 करोड़ रुपये की रकम आवंटित की है जबकि बीते साल यह महज 42.87 करोड़ थी. सरकार का बयान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में बताया है कि वर्ष 2021-22 में 602.30 करोड़ रुपये बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड मैनेजमेंट (बीआईएम) योजना के तहत अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए आवंटित किए गए हैं.