कोटा
BJP नेता व कोटा नॉर्थ के पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल सहित 111 लोगों के खिलाफ नयापुरा थाने में FIR दर्ज की गई है। यह मुकदमा महामारी एक्ट IPC धारा 188, 269, 270 के तहत दर्ज हुआ है। गुंजल ने गुरुवार को सरकार के खिलाफ जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में भीड़ जुटाकर प्रदर्शन किया था। सरकार व स्थानीय मंत्री पर जमकर आरोप लगाए थे। इसके बाद पुलिस ने कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की है।
निकाली थी रैली
गुंजल ने राज सरकार के पौने तीन साल के कार्यकाल व बढ़ते अपराधों के खिलाफ गुरुवार को प्रदर्शन किया था। किशोर सागर तालाब की पाल से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली थी। करीब 500 मीटर लंबी रैली में सैकड़ों समर्थक शामिल हुए थे। बाद में कई नेताओं ने रैली को सम्बोधित किया। मीडिया से बातचीत में गुंजल ने कहा था कि सरकार ने रैली से एक दिन पहले ही सार्वजनिक आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिए। आज कोई रोकने की कोशिश करता तो हम जेल भर देते।
धारा 188
कोरोना संक्रमण को देखते हुए लॉकडाउन महामारी कानून लागू किया गया है। लॉकडाउन में सरकार के निर्देशों का कोई भी व्यक्ति उल्लंघन करता है तो उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें कम से कम 1 से 6 माह की जेल, 200 से 1 हजार रुपए का जुर्माना या दोनों ही सजा का प्रावधान है। दोनों ही स्थिति में जमानत मिल सकती है।
धारा 269
इस धारा के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति असंवैधानिक तरीके से अथवा लापरवाही पूर्वक ये जानते हुए ऐसा कृत्य करता है, जिससे किसी जानलेवा बीमारी के फैलने का खतरा हो सकता है तो यह दंडनीय अपराध है। इसमें 6 माह तक की जेल या जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है।
धारा-270
इसके अंतर्गत कोई व्यक्ति द्वेषपूर्वक ऐसा कोई कृत्य करता है, ये जानते हुए कि ऐसा करने से कोई जानलेवा बीमारी फैलेगी तो यह दंडनीय अपराध है। परंतु यह कृत्य द्वेषतापूरक किए जाना पाए जाने पर ही मामला बनता है अन्यथा नहीं। इसमें दो साल की जेल और जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है।