राजस्थान में वसुंधरा समर्थक पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत को वन विभाग के अधिकारी के साथ मारपीट के मामले में आज कोर्ट में पेश किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने भवानी सिंह राजावत की जमानत अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट ने पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत और उनके एक समर्थक को सेंट्रल जेल भेजने के आदेश दे दिए। पूर्व विधायक राजावत ने पूरे प्रकरण को कांग्रेस की साजिश बताया है। राजावत और उनके समर्थक को कोर्ट में पेश करने के दौरान काफी संख्या में भीड़ भी एकत्रित हो गई। इस दौरान पुलिस के तमाम बड़े अधिकारी, एसटीएफ, सीआईडी इंटेलिजेंस के लोग भी मौजूद रहे। राजावत ने पुलिसकर्मियों पर अभद्रता करने और धक्का देने का भी आरोप लगाया।
गिरफ्तारी के बाद से ही अस्पताल में भर्ती थे राजावत
दरअसल, इस प्रकरण में गुरुवार देर रात तक पूर्व विधायक राजावत और उनके कार्यकर्ता महावीर सुमन को पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद अचानक राजावत की तबियत बिगड़ गई और उनको एमबीएस अस्पताल में डिलक्स वार्ड में भर्ती करना पड़ा। इस दौरान वार्ड के बाहर भारी पुलिस जाप्ता भी तैनात कर दिया गया। वहीं आज दोपहर बाद राजावत और महावीर सुमन को कड़ी सुरक्षा के बीच एससी-एसटी कोर्ट में पेश कर दिया गया। अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल, विद्याशंकर नन्दवाना सहित अन्य भाजपा के नेता अस्पताल में राजावत से मिलने पहुंचे थे।