नई दिल्ली
देश की दिग्गज डिजिटल भुगतान सेवा प्रदान करने वाली कंपनी पेटीएम के आईपीओ का हश्र देखने के बाद दूसरी कंपनियों की चिंता बढ़ गई है। एक रिपोर्ट के अनुसार, बाजार में पेटीएम की निराशाजनक शुरुआत के बाद मोबिक्विक और ओयो द्वारा नियोजित आईपीओ की योजनाओं पर काले बादल मंडरा रहे हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया कि निवेशकों को पेटीएम आईपीओ के मार्केट डेब्यू से बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन उनकी उम्मीदें लिस्टिंग होने के साथ ही खत्म हो गईं। ऐसे में निवेशकों को पेटीएम को भूलने पेटीएम के जरिए हुए घाटे को भूलने में तकरीबन तीन से चार महीने लगेंगे।
छह विश्लेषकों ने तैयार की रिपोर्ट
मुंबई में एक ब्रोकरेज हाउस के संस्थापक का कहना है छह विश्लेषकों और बैंकरों ने पेटीएम की तरह इस क्षेत्र की अन्य कंपनियों के आईपीओ पर पड़ने वाले असर का विश्लेषण किया है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय इतिहास में मार्केट डेब्यू के दौरान सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली डिजिटल भुगतान फर्म के आईपीओ का हश्र देखने के बाद दूसरी कंपनियों की भविष्य की पेशकशों पर असर पड़ने की पूरी संभावना है।