प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (4 मार्च) को ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर और इन्वेस्टमेंट’ पर पोस्ट-बजट वेबिनार को संबोधित किया। इस दौरान नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को अर्थव्यवस्था की प्रेरक शक्ति मानती है और इससे भारत को 2047 तक एक विकसित देश बनने में मदद मिलेगी।
इस साल का बजट देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के विकास को नई ऊर्जा देता है
PM मोदी ने कहा कि इस साल का बजट देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के विकास को नई ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि फिजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर की मजबूती के साथ ही देश के सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर का भी मजबूत होना उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि हमारा सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर जितना मजबूत होगा, उतने ही टैलेंटेड युवा और स्किल्ड युवा काम करने के लिए आगे आ पाएंगे। इसलिए ही स्किल डेवलपमेंट, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, फाइनेंशियल स्किल्स पर जोर दिया जाना बहुत आवश्यक है।
हम इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को देश की इकोनॉमी का ड्राइविंग फोर्स मानते हैं
PM ने कहा कि गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान, भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर और मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक का कायाकल्प करने जा रहा है। ये इकोनॉमिक और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग को, डेवलपमेंट को इंटिग्रेट करने का बहुत बड़ा टूल है। उन्होंने कहा कि हम इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को देश की इकोनॉमी का ड्राइविंग फोर्स मानते हैं। इसी रास्ते पर चलते हुए भारत 2047 तक विकसित होने के लक्ष्य को प्राप्त करेगा।
नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर में 110 लाख करोड़ रुपए के निवेश का लक्ष्य
मोदी ने कहा कि नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन के तहत सरकार आने वाले समय में 110 लाख करोड़ रुपए के निवेश का लक्ष्य लेकर चल रही है। ऐसे में प्रत्येक हितधारकों के लिए ये नई दायित्व, नई संभावनाओं और साहसपूर्ण निर्णय का समय है। किसी भी देश के विकास में इन्फ्रास्ट्रक्चर का महत्व हमेशा से ही रहा है।
आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड इन्वेस्टमेंट कर रही है सरकार
उन्होंने आगे कहा कि हमारे यहां दशकों तक एक सोच हावी रही कि गरीबी एक मनोभाव है। इसी सोच की वजह से देश के इंफ्रास्ट्रक्चर पर इन्वेस्ट करने में पहले की सरकारों को दिक्कत होती थी। हमारी सरकार ने ना सिर्फ इस सोच से देश को बाहर निकाला है, बल्कि वो आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड इन्वेस्टमेंट भी कर रही है।
विकास की गति को बढ़ाने और टॉप गियर पर पहुंचाने की जरूरत
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि अब इस विकास की गति को बढ़ाने और टॉप गियर पर पहुंचाने की जरूरत है और इसमें प्रधानमंत्री गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार सड़क, रेलवे, बंदरगाह और हवाई अड्डों जैसे सभी क्षेत्रों में आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए काम कर रही है। यह व्यवसायों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और लॉजिस्टिक कॉस्ट को कम करने में मदद करेगा।
नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि आज राष्ट्रीय राजमार्ग का औसत वार्षिक निर्माण 2014 की तुलना में दोगुना हो गया है। 2014 से पहले हर साल 600 रूट किमी रेल लाइन का विद्युतीकरण होता था और आज ये आंकड़ा 4000 रूट किमी पर आ गया है। एयरपोर्ट की संख्या भी 2014 की तुलना में 74 से बढ़कर 150 के आस-पास पहुंच चुकी है।