Friday, May 15निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

प्रशांत किशोर के अपनी पार्टी बनाने के क्या हैं मायने, क्या बिहार में AAP बनने की कोशिश कर रहे PK?

नई दिल्ली

चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर के बिहार में अपनी पार्टी शुरू करने के फैसले से राजनीतिक पंडितों को खास हैरानी नहीं हुई है। वह पिछले काफी समय से अपने गृह नगर को लेकर विचार कर रहे थे। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब बिहार में राजनीतिक घटनाक्रम तेज हैं। मालूम हो कि किशोर सासाराम में पैदा हुए थे। 

किशोर ने ‘जन स्वराज’ की घोषणा ऐसे समय में की है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर अस्तित्व के संकट का सामना कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी की आधिकारिक स्थिति यह है कि राज्य में मुख्यमंत्री पद के परिवर्तन का कोई सवाल ही नहीं है। 74 सीटों के साथ भाजपा विधायिका में सबसे बड़ी पार्टी है, जनता दल यूनाइटेड के पास 43 सीटें हैं। नीतीश को दिल्ली भेजने का ऑप्शन भी नहीं दिखता है।

भाजपा में कई लोग निजी तौर पर इस बारे में बात करते हैं कि कैसे 2020 के चुनावों के बाद, यह महसूस किया गया कि सत्ता में भाजपा की अधिक चलेगी, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय सभी को नियंत्रित करता दिखता है। इसे लेकर राज्य के भाजपा नेताओं और कुछ मंत्रियों में नाराजगी है।

बिहार में AAP बनने की कोशिश कर रहे PK
भाजपा के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “प्रशांत किशोर बिहार में AAP बनने की कोशिश कर रहे हैं। वह जानते हैं कि लोग कुछ विकल्प चाहते हैं। जनता दल में 35% वोटशेयर है जबकि नीतीश कुमार के पास 15% और शेष 15% कांग्रेस और वामपंथी पार्टियों जैसे अन्य दलों के पास है। बिहार में सत्ता में रहने के लिए दो समूहों का एक साथ होना जरूरी है। 2015 में नीतीश और राजद एक साथ आए थे और अब यहां दो अन्य एक साथ हैं। जब तक कोई दूसरा विकल्प न हो, वे साथ रहेंगे।”