शिमला
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे 25 हजार जेबीटी और 18 हजार सीएंडवी शिक्षकों का सेवाकाल में सिर्फ एक बार अंतर जिला स्थानांतरण होगा। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने शनिवार को स्थानांतरण नीति का नवीनतम स्वरूप अधिसूचित कर दिया है। दोनों श्रेणियों की जिलावार कैडर संख्या का सिर्फ पांच प्रतिशत स्थानांतरण एक वर्ष के दौरान किया जाएगा। अनुबंध सेवाकाल को जोड़कर पांच वर्ष सेवा पूरी करने वाले शिक्षक इसके लिए पात्र होंगे। शादी होने पर जिला बदलने की सूरत में महिला अध्यापकों को न्यूनतम सेवाकाल की शर्त से छूट दी गई है।
जेबीटी और सीएंडवी शिक्षकों के पहले 13 वर्ष का सेवाकाल पूरा होने पर दूसरे जिलों में तबादले होते थे। सरकार ने इस अवधि को घटाकर पांच वर्ष कर दिया है। शिक्षा सचिव राजीव शर्मा की ओर से शनिवार को जारी अधिसूचना के अनुसार अंतर जिला स्थानांतरण नीति प्रारंभिक शिक्षा विभाग में कार्यरत जिला कैडर की जेबीटी और सीएंडवी अध्यापकों पर लागू होगी।