टोक्यो पैरालिंपिक खेलों में रविवार को पुरूष एकल SL4 क्लास बैडमिंटन स्पर्धा के फाइनल में IAS अधिकारी सुहास यथिराज सिल्वर मेडल जीतने में सफल रहे। सिल्वर जीतने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुहास से फोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने सुहास को सिल्वर जीतने पर बधाई दी। प्रधानमंत्री ने सुहास को खेल और सेवा का अद्भुत संगम बताया जिन्होंने पूरे देश को अपने खेल से प्रभावित किया।
दिव्यांगता को शक्ति में बदला
पीएम ने फोन पर सुहास से बात करते हुए कहा- आपने देश का नाम बढ़ाया। कर्नाटक और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों का गौरव बढ़ाया। मोदी ने आगे कहा- दिव्यांगता को शक्ति में बदलकर आपने बहुत बड़ा काम किया। इसीका परिणाम है कि देश का पीएम भी आपको फोन करने के लिए लालायित होता है। इस पर सुहास ने भी धन्यवाद करते हुए कहा- आपने टोक्यो रवाना होने से पहले बताया था कि मत देखना कि सामने कौन है। बस आप अपना बेस्ट दीजिएगा। मैंने इसे ही मन में रखा था और मैं मेडल जीतने में सफल रहा।
कभी नहीं देखा था मेडल जीतने का ख्वाब
सुहास यथिराज ने आगे कहा- मैं कर्नाटक के छोटे से शहर शिमोगा से हूं। मैं छोटा था, तो कभी बचपन में नहीं सोचा था कि कभी IAS बनूंगा, या कलेक्टर बनूंगा। यहां ओलंपिक में मेडल जीतूंगा, लेकिन ऊपर वाले की कृपा रही और आपके आशीर्वाद से यहां तक आया हूं।
उन्होंने आगे कहा- पहले सोचता था कि दिव्यांग हूं, ऊपर वाले ने मुझे ऐसा क्यों बना दिया? लेकिन आज भगवान ने मुझे आपसे बात करने का मौका दिया। मैं अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। मैं बहुत खुश हूं कि आपसे बात करने का मौका मिला।
आपने जो सोचा, वो करके दिखाया
पीएम मोदी ने कहा- जो लोग बहुत सोचकर, बहुत प्लानिंग करके जाते हैं, उनमें से ज्यादातर लोग रह जाते हैं, लेकिन जो लोग करते रहते हैं, करते रहते हैं, वे कहीं पहुंच जाते हैं। आपने करके दिखाया है। आपको बहुत बधाई. आपका देश इंतजार कर रहा है।
सुहास ने कहा- मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि पीएम से बात कर रहा हूं। इस पर पीएम मोदी ने कहा- आप मेरे सहयोगी हैं। सरकार में साथ करने वाला हर शख्स मेरा सहयोगी है। मैं अपने सहयोगी से बात कर रहा हूं।
ट्वीट कर भी की तारीफ
सुहास के सिल्वर जीतने के बाद पीएम मोदी ने उनके लिए ट्वीट करते हुए लिखा- सेवा और खेल का अद्भुत संगम। सुहास यथिराज ने अपने असाधारण खेल की बदौलत पूरे देश को खुश कर दिया। बैडमिंटन में रजत पदक जीतने पर उन्हें बधाई। भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिये उन्हें शुभकामनाएं।
फाइनल में मिली हार
बता दें कि, फाइनल में सुहास से गोल्ड की उम्मीद की जा रही थी लेकिन उनको हार का सामना करना पड़ा। 62 मिनट तक चले करीबी मुकाबले में फ्रांस के लुकास मजुर ने सुहास को 21-15 17-21 15-21 से हराया। सुहास भले ही गोल्ड न जीत सके हो, लेकिन देश को उनके ऊपर गर्व है।