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बजट पर सदन में चल रही है चर्चा, लेकिन शिक्षा विभाग ने घोषणाएं पूरी करने के लिए मांग लिए प्रपोजल

बीकानेर

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से विधानसभा में पेश बजट पर अभी चर्चा ही हो रही है। वहीं, शिक्षा विभाग पूरी तरह एक्टिव मोड पर आ गया है। मुख्यमंत्री की घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए शिक्षा निदेशालय की पूरी टीम जुट गई है। फिलहाल राज्य की उन ग्राम पंचायतों से प्राइमरी स्कूल के प्रस्ताव मांग लिए गए हैं, जहां पहले से कोई स्कूल नहीं है।

मुख्यमंत्री ने बजट में घोषणा की थी कि राज्य की एक भी ग्राम पंचायत ऐसी नहीं रहेगी, जहां स्कूल नहीं हो। ऐसे में प्रदेश के सभी जिलों से ऐसी ग्राम पंचायतों में प्राइमरी स्कूल शुरू करने के प्रपोजल मांगे गए हैं। प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय के अतिरिक्त निदेशक अशोक सांगवा ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को स्कूल से वंचित ग्राम पंचायतों की जानकारी मांगी गई है। इन ग्राम पंचायतों पर स्कूल खोलने के प्रस्ताव जिला शिक्षा अधिकारी तैयार करके देंगे, जिस पर राज्य सरकार मुहर लगाएगी। माना जा रहा है कि नए शिक्षा सत्र में ही इन पंचायतों में स्कूल शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही राज्य की जिन ग्राम पंचायतों में अर्से से प्राइमरी स्कूल तो है लेकिन अपर प्राइमरी स्कूल नहीं है, वहां भी स्कूल क्रमोन्नत किए जाएंगे। वरीयता के आधार पर स्कूल क्रमोन्नत करने का प्रोसेस भी शुरू किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारियों को ऐसे स्कूल के बारे में सिफारिश सरकार को भेजनी होगी, जहां प्राइमरी से अपर प्राइमरी की आवश्यकता है।