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बीपीएल परिवार के राजू ने चाय बनाकर अपने तीन बेटों व एक बेटी को कोर्ट में लगाया स्टेनों

रामकिशन शर्मा
श्रीगंगानगर (सीमा सन्देश)।
जो अभावों में पलते हैं वही आगे चलकर सफलता के शिखर को छू पाते हैं। कड़ी मेहनत से बड़े से बड़ा कठिन कार्य किया जा सकता है। ऐसी ही एक कहानी है शहर के अन्दर चाय बनाने वाले राजू की। इस व्यक्ति ने 1993 में चाय का कार्य शुरू किया। उस समय 80 पैसे में एक कप चाय आती थी। गरीबी में हालत इतनी पतली थी कि घर में एक वक्त की रोटी बनना मुश्किल था। फिर भी कड़ी मेहनत को ही सराहा बनाते हुए कर्म ही पूजा है। इस पर चलकर अपने बच्चों को शिक्षा का ज्ञान दिलाया। उन्हें उच्च शिक्षा दिलाई। यही कारण है, आज इनके तीनों बच्चे सरकारी नौकरी में हैं। आज भी इन बच्चों का यह पिता राजू जो शहीद भगत सिंह चौक के पास स्थित राजकीय सार्वजनिक पुस्तकालय के गेट साथ खोखा लगाकर चाय बनाता है। आस-पास के कई दुकानदार यहीं से चाय मंगवाते हैं।