जैसलमेर
पाकिस्तान में रह रहे अपने बेटे के दुख में हिन्दुस्तान में रह रही मां ने गुरुवार देर शाम जहर खा लिया। मां के इलाज के दौरान दूसरे बेटे ने भी दुखी होकर जहर खाकर जान देने की कोशिश की। बेटा तो बच गया, लेकिन मां अपने बड़े बेटे का चेहरा देखे बिना ही इस दुनिया को अलविदा कह गई।
घटना मोहनगढ़ कस्बे के जवाहर नवोदय विद्यालय के पीछे स्थित भील बस्ती की है। यहां रहने वाली 60 साल की वृद्धा ने घर में कीटनाशक पी लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन अस्पताल ले गए। महिला की हालत बिगड़ते देख अमकू नामक महिला को जोधपुर रेफर कर दिया गया, लेकिन शुक्रवार को बीच रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इससे पहले अस्पताल में मां का उपचार होते देख 22 साल के बेटे ने भी बाजार से कीटनाशक खरीद कर पी लिया। तबीयत बिगड़ने पर उसको भी हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। सूचना मिलने पर मोहनगढ़ पुलिस थानाधिकारी अरुण कुमार अस्पताल पहुंचे।

अस्पताल में भर्ती प्रीतम।
3 साल पहले पाकिस्तान से आई थी भारत
अमकू अपने पति नखतराम, तीन बेटों और एक बेटी के साथ पाकिस्तान के रहिमयार खान इलाके में रहती थी। पाकिस्तान में अत्याचारों से तंग आकर उन्होंने भारत आने का फैसला किया। मृतका के रिश्तेदार रावताराम ने बताया कि आज से लगभग तीन साल पहले अमकू अपने परिवार के साथ भारत में धार्मिक वीजा पर लौट आई और यहां मोहनगढ़ स्थित पाक विस्थापितों की भील बस्ती में रहने लगी।
बड़े बेटे के नहीं लौटने से दुखी थी
अमकू के रिश्तेदार रावताराम ने बताया की जब ये परिवार समेत हिंदुस्तान लौट रहे थे, तब इनका बड़ा बेटा अजबाराम उनके साथ भारत नहीं आया। वो अपने परिवार के साथ वहीं रह गया। मां ने बहुत जिद की, लेकिन वह नहीं माना। मां अपने बड़े बेटे के बिना ही हिंदुस्तान लौट आई। तीन साल तक इसी गम में रही कि उसका बड़ा बेटा उसके पास नहीं है। अमकू का छोटा बेटा प्रीतम अपनी मां की हालत देख नहीं पाया और उसने भी बाज़ार जाकर पहले शराब पी और ज़हर पीकर अपनी जान देने की कोशिश की। प्रीतम तो बच गया मगर उसकी मां अमकू नहीं बच पाई।
मोहनगढ़ हॉस्पिटल के डॉ. केआर पंवार ने बताया कि अमकू की दिमागी हालत ठीक नहीं थी। उसका एक पुत्र पाकिस्तान में रहता है। उसको लेकर महिला परेशान रहती थी, जिसके चलते महिला ने जहर पी लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन अस्पताल लेकर आए। पास में ही उसका बेटा प्रीतम (22) खड़ा था। थोड़ी देर बाद वह चला गया। पता चला कि उसने भी कीटनाशक पी लिया।