सीमा सन्देश न्यूज
श्रीगंगानगर। सरकार के बेरोजगारी भत्ते के लिए बेरोजगारों को पसीना बहना पड़ रहा है। इस कारण पूर्व में जो बेरोजगार बेरोजगारी भत्ते के लिए कार्यालय के चक्कर लगाया करते थे। उनकी संख्या में लगातार कमी हो रही है।
हालत यह है कि जिन बेरोजगारों को रोजगार कार्यालय द्वारा पंजीकृत करने के बाद इंटेनशिप के लिए भेजा जाता है, उसके आधे युवा ही अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करवा पा रहे। इसके बावजूद जिले में बेरोजगारी भत्ता लेने के लिए कतार इतनी लम्बी है कि वर्तमान में जिन युवाओं ने जनवरी 2021 में इसके लिए आवेदन किया था। उनका नम्बर मार्च 2022 में आया है। ऐसे में जिन युवाओं द्वारा मार्च 2022 में आवेदन किया गया है। उनका नम्बर संभवत: 2023 में आएगा। जानकारी मिली है कि बेरोजगारों में इंटेनशिप नहीं करने की मुख्य कारण भत्ते का देरी से मिलना।
सूत्रों के अनुसार योजना को सरकार ने सभी बेरोजगारों को एक बराबर न मान उनमें भी वर्गीकरण किया गया है। इसी वर्गीकरण के चलते आरक्षण पद्धति को लागू कर उसी हिसाब से आयु सीमा में छूट दी गई है। वहीं कई बार बजट भी देरी से मिलता है।
बजट ने बिगाड़ा खेल, तीन माह से अटका भत्ता
वित्तीय वर्ष 2021-22 में कई बरोजगारों को तीन-तीन माह से उनका बेरोजगारी भत्ता नहीं मिल पाया है। जबकि उनके द्वारा इटेनशिप करने के बाद आवश्यक कार्रवाई पूरी कर दी। विभागीय जानकारी अनुसार इसके पीछे मुख्य वजह बजट निकालना रहा है। जानकारी अनुसार सरकार द्वारा अनुसूचित जाति व अनु.जनजाति का बजट पहले जारी कर दिया गया। ऐसे में विभागीय कर्मीयों ने इनका बिल बना दिया। इसके कुछ दिन बार सामान्य और ओबीसी वर्ग का बजट जारी हुआ। विभाग द्वारा इस के बिल बनाकर ट्रेजरी बनाकर भेज दिया गया, लेकिन इसी बीच बजट वापिस ले लिया गया। इस कारण बिल पास नहीं हो पाए। बजट वापिस लिए जाने और यहां ट्रैजरी से बिल स्वीकृत होने सहित मामले बारे उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया। इसके बाद फिर से बजट जारी हुआ। जानकारी मिली है कि इस वर्ग के युवओं को उनका बकाया भत्ता जल्द ही मिल जाएगा।