मुंबई
रिजर्व बैंक ने एक बार फिर प्रमुख दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे पहले मई 2020 में रेपो रेट को घटाया गया था। इससे अगर आपने बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) किए हैं या करने वाले हैं तो आपको घाटा हो सकता है।
रिजर्व बैंक के फैसले का होता है असर
FD की ब्याज दरों पर रिजर्व बैंक के फैसले का असर काफी होता है। अगर रिजर्व बैंक दरें घटाता तो आपकी FD पर और कम ब्याज मिलता। अगर वह रेपो रेट को बढ़ा देता तो आपको FD पर ज्यादा ब्याज मिलता। दरअसल, डिपॉजिट और उधारी दोनों एक दूसरे से जुड़े हैं। यानी, जब लोन पर ब्याज दर कम होगा तो डिपॉजिट पर भी कम होगा। ऐसा इसलिए कि बैंक आपसे जो डिपॉजिट 5 या 6% पर लेता है, वही पैसा आपको लोन के समय में 7-8% पर देता है। बैंक की यही प्रमुख कमाई है। बैंक के पास अपना खुद का पैसा बहुत कम रहता है।